Friday, May 7th, 2021 Login Here
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निप्र। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी श्रुत पंचमी पर 1008 श्री पार्श्वनाथ जिनालय बंडीजी के बाग के 128वें स्थापना दिवस पर श्रीजी की भव्य रथयात्रा बेण्डबाजों के साथ नगर में निकाली गई। सकल दिगम्बर जैन समाज की उपस्थिति में नगर भ्रमण किया गया। रास्ते में कई जगह जलपान के साथ स्वागत किया गया एवं भगवान को श्रध्दालुओं द्वारा भेंट एवं आरती कीर् गई। नगर भ्रमण के पश्चात् बंडीजी के बाग परिसर में भगवान जी को रथ सहित वेदी पर विराजमान किया गया।

पश्चात् चिरंजीलालजी बक्षी मुम्बई की स्मृति में श्रीमती शांतिदेवी बक्षी एवं परिवार के द्वारा दो चांदी की पांडुकशिला क्रमश: दो मंदिर प्रथम श्री पार्श्वनाथ जिनालय बंडीजी का बाग एवं द्वितीय महावीर जिनालय जनकूपुरा मंदिर को भेंट करने के लिये दोनो पांडुकशिला का शुध्दीकरण पं. अरविन्द जैन के द्वारा मंत्रोच्चार के साथ बक्षी परिवार एवं समाज की महिलाओं के द्वारा 81 कलशों से कराया गया। पश्चात् दोनों पांडुक शीलाओं पर क्रमश: 1008 श्री चन्द्रप्रभु भगवान एवं 1008 श्री पार्श्वनाथ भगवान को विराजमान किया जा कर पं. अरविन्द जैन के द्वारा बक्षी परिवार से श्रीजी का अभिषेक व शांतिधारा करवाई गई। पश्चात् श्रीजी को निज मंदिर में विराजमान करके दोनों पांडुक शीला दोनों मंदिर के पदाधिकारियों को सुपुर्द कर दी गई। बक्षी परिवार हमेशा धार्मिक कार्यों में एवं दानशीलता में अग्रणी रहा है। कार्यक्रम में बक्षी परिवार मुम्बई का स्वागत सकल दिगम्बर जैन समाज, हूमड़ समाज, हूमड़ मित्र मण्डल एवं हूमड़ महिला परिषद् द्वारा किया गया। हूमड़ समाज अध्यक्ष दीपक भूता ने बताया कि बक्षी परिवार मुम्बई द्वारा उक्त पांडुक शिला भेंट के पश्चात् सकल दिगम्बर समाज का वात्सल्य भोज का कार्यक्रम भी रखा गया। समाज ने बक्षी परिवार के द्वारा किये गये उक्त कार्य की भूरी भूरी प्रशंसा की है। कार्यक्रम में प्रभावना के लाभार्थी श्रीमती सुभद्रादेवी अजीतकुमारजी भूता मुम्बई रहे।

उक्त कार्यक्रम में इंदौर से पधारे बंडीजी एवं पं. विजय कुमार गांधी एवं मुम्बई से पधारे सभी रिश्तेदारों ने मंच को सुशोभित किया। संचालन हूमड़ समाज सचिव राकेश दोशी ने किया एवं आभार उपाध्यक्ष शरद गांधी ने माना।

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