Monday, May 17th, 2021 Login Here
कोरोना के गंभीर रोगियों का उपचार सर्वसुविधायुक्त बड़े अस्पतालों में होना जरूरी पुलिस और डाक्टर की पकड़ में कोरोना से सुरक्षित आम आदमी लेकिन लापरवाह लोग बन रहे मुश्किल मंदसौर के मनोज ने कर दिया 200 रूपऐ में आॅक्सी फ्लो मीटर का निर्माण वायरल विडियों ने मंदसौर की दादी को बना दिया स्टाॅर मंदसौर जिला चिकित्सालय में अक्षय तृतीया से सीटी स्कैन मशीन से जांच होना हुई प्रारंभ वित्त मंत्री श्री देवड़ा के निर्देश पर गृह मंत्रालय ने मल्हारगढ़ ब्लॉक कोविड-19 आपदा प्रबंधक मैनेजमेंट कमेटी का गठन कलेक्टर द्वारा किया गया *शामगढ़ में 85 वर्ष के बूढे व्यक्ति का घर से मृत अवस्था मे मिला शव* खुशियों की दास्तां /मल्हारगढ़ कोविड केयर सेंटर से आज 3 व्यक्ति स्वस्थ होकर घर गए प्रशासन ने मीटिंग बुलाकर ईद घर पर ही मनाने हेतु समझाइश दी । अपने अपने मोहल्ले मैं सख्ती से कर्फ्यू का पालन करवाना और दवाई वितरण करवाना हम सबकी जवाबदेही है: श्री पँवार *जिले में रक्त स्त्रोतम संस्थान द्वारा कराया गया पहला प्लाज्मा डोनेशन जनसारंगी --प्रसंगवश./ सर्वसमावेशी समाज के संस्थापक भगवान परशुराम. दो लाख खर्च होने के बाद भी नहीं बनी खाद, पिट बन गऐ डस्टबिन हॉटस्पॉट में बेखौफ चल रहीं सब्जी मंडी, लोगों की जमा हो रहीं भीड़ महामारी से निपटने आर्थिक सहयोग में आगे आ रहे नागरिक

नई दिल्‍ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक प्रेस वार्ता की। उन्‍होंने कहा कि1600 हाउसिंग प्रोजेक्ट अधूर पड़े हैं। करीब 4.58 लाख हाउसिंग यूनिट बंद पड़ी है। कई घर खरीदरों ने सरकार से संपर्क किया है। सरकार ने इन अधूरे पड़े प्रोजेक्ट के लिए 10 हजार करोड़ रुपए का फंड जारी किया है। जो प्रोजेक्ट 50 फीसदी या इससे अधिक पूरे होने के बाद अटक गए हैं, उन्हें इस फंड के तहत सहायता राशि दी जाएगी।
वित्त मंत्री ने बताया कि कुल मिलाकर 25 हजार करोड़ का फंड रहेगा, जिसमें से 10 हजार करोड़ सरकार देने जा रही है। इसमें बड़ा हिस्सा एसबीआई और एलआईजी हाउसिंग का है। माना जा रहा है कि इससे साढ़े तीन करोड़ उन लोगों को फायदा होगा, जिसके घर का सपना अब तक साकार नहीं हो सका है।
सरकार ने इस मुद्दे पर बैंकों के साथ कई स्तर की बातचीत की है और राहत देने वाली यह घोषणा की जा रही है। इससे जिन प्रोजेक्ट्स को फायदा मिलेगा, उनमें से अधिकांंश मध्यमवर्गीय परिवारों से जुड़े हैं। सरकार ने इसे 'स्पेशल विंडो' प्रोजेक्ट नाम दिया है। यह फंड सेबी के साथ रजिस्टर्ड कैटेगरी-2 अल्टरनेट इनवेस्टमेंट (AIfs) फंड के तहत प्रदान किया गया है।
वित्त मंत्री ने बताया कि यह फंड एक अकाउंट में जमा किया जाएगा और फिर अधूरे पड़े प्रॉजेक्ट को मदद की जााएगी। शुरू में यह अकाउंट एसबीआई के पास होगा। सरकार के अनुसार बहुत सारे प्रोजेक्ट RERA में अधूर पड़े हैं। उनको भी मदद की जाएगी। हालांकि उनका नंबर बाद में आएगा। सरकार की योजना है कि यदि कोई प्रोजेक्ट 30 फीसदी पर ही अधूरा रह गया है तो जब तक वह पूरा नहीं हो जाता, उसे मदद दी जाएगी।'
Chania