Monday, May 10th, 2021 Login Here
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प्रदेश में लगातार चिंताजनक हो रहे कोरोना के आंकड़े
रोजी से ज्यादा रोटी की तलाश में पलायन कर रहे मजदूरों को गांव तक भिजवाया, 
लगातार शिकायतों के बाद भी प्रशासन नहीं रोक पाया मुनाफाखोरी 
 मंदसौर निप्र।देश के साथ ही मध्यप्रदेश में भी कोरोना की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। बीते 24 घंटे में मध्यप्रदेश में 7 नए मरीज मिले जिसमें से सबसे ज्यादा स्थिति इंदौर में खराब है, अकेले इंदौर में 4, जबलपुर में 2 और भोपाल में 1 केस मिला। जिसके बाद प्रदेश में अब तक 33 केस हो गए। मंदसौर में भी क्वॉरेंटाइन यात्रियों की संख्या बढ़ रही है 1 दिन मे 50  नए लोगों को कोरेनटाइन किया गया। जिसके बाद कुल 157 कोरेनटाइन हो गए। 15 के कोरोना सेम्पल लिए गए। जांच के बाद 8 की रिपोर्ट मिल गई। अच्छी बात यह है कि सभी रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई ।उधर तमाम जागरूकता प्रयासों के बाद भी लोग मानने को तैयार नहीं है। ना तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है और ना ही मास्क लगाए जा रहे हैं। प्रशासन बार-बार कह रहा है जरूरी सामानों की कमी नहीं है लेकिन फिर भी लोग बेवजह घर से निकलना बंद नहीं कर रहे हैं ।ऐसे लोगों पर पुलिस लगातार कार्रवाई भी कर रही है। दूसरी तरफ सब्जी और किराना की दुकानो पर मुनाफाखोरी भी हो रही है। लगातार  शिकायतों  के बाद भी प्रशासन इस मुनाफाखोरी को रोकने में कामयाब नहीं हो पाया है। गलती आम लोगों की भी है सारे सामान सहजता से उपलब्ध है, बावजूद इसके लोग जरूरत से ज्यादा खरीद रहे हैं। दूसरी तरफ कोरोना के भय से रोजी से ज्यादा रोटी की चिंता हो रही है ऐसे में आज भी बड़ी संख्या में राजस्थान और गुजरात से पहुंचे मजदूरों को बसों से उनके घरों तक भिजवाया गया।
कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए किए गए लॉक डाउन के बाद प्रशासन ने तमाम जरूरी सामान उपलब्ध कराने का ऐलान किया ।लेकिन लाक डाउन के बाद पहले दिन ही किराना और सब्जी की दुकानों पर मुनाफाखोरी शुरू हो गई जो आज तीसरे दिन भी प्रशासन नहीं रोक पाया ।इन दुकानों पर कोरोना से बचने के तमाम प्रयास बेकार साबित हो रहे हैं। कई-बार अपील के बाद भी लोगों की भारी भीड़ इन दुकानों पर सामान खरीदने के लिए पहुंच रही है। पूरे बाजार में लोगों का मेला लग रहा है ।इस बीच किराना और सब्जी के कई विक्रेता भी मुनाफाखोरी में लग गए ।लॉक डाउन से पहले जो टमाटर 10 से 20 रुपए किलो बिक रहे थे वे आज 80 रुपए किलो में बिक रहे हैं। दूसरी सब्जियों के भी यही हाल है ।किराना दुकानों पर आटा, दाल, तेल, शकर की भी यही स्थिति है ।10 से 30 रु प्रति किलो इन जरूरी सामानों पर बढ़ गए। आम नागरिक पिछले 3 दिन से लगातार इसकी शिकायत कर रहे हैं लेकिन अब तक प्रशासन ना तो इन जरूरी चीजों के दाम तय कर पाया है और ना ही इस मुनाफाखोरी पर रोक लगा पाया है ।जिसके चलते आम  नागरिक लगातार लूट का शिकार हो रहे हैं।  
कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए किए गए लॉक डाउन के बाद प्रशासन ने तमाम जरूरी सामान उपलब्ध कराने का ऐलान किा ।लेकिन लाक डाउन के बाद पहले दिन ही किराना और सब्जी की दुकानों पर मुनाफाखोरी शुरू हो गई जो आज तीसरे दिन भी प्रशासन नहीं रोक पाा ।इन दुकानों पर कोरोना से बचने के तमाम प्रास बेकार साबित हो रहे हैं। कई-बार अपील के बाद भी लोगों की भारी भीड़ इन दुकानों पर सामान खरीदने के लिए पहुंच रही है। पूरे बाजार में लोगों का मेला लग रहा है ।इस बीच किराना और सब्जी के कई विक्रेता भी मुनाफाखोरी में लग गए ।लॉक डाउन से पहले जो टमाटर 10 से 20 रुपए किलो बिक रहे थे वे आज 80 रुपए किलो में बिक रहे हैं। दूसरी सब्जिों के भी ही हाल है ।किराना दुकानों पर आटा, दाल, तेल, शकर की भी ही स्थिति है ।10 से 30 रु प्रति किलो इन जरूरी सामानों पर बढ़ गए। आम नागरिक पिछले 3 दिन से लगातार इसकी शिकात कर रहे हैं लेकिन अब तक प्रशासन ना तो इन जरूरी चीजों के दाम त कर पाा है और ना ही इस मुनाफाखोरी पर रोक लगा पाा है ।जिसके चलते आम  नागरिक लगातार लूट का शिकार हो रहे हैं।  
पलान कर रहे मजदूरों को भोजन करा कर भेजा घर
कोरोना के भ के कारण राजस्थान और गुजरात में मजदूरी कर रहे मजदूरों को रोजी से ज्ादा रोटी की चिंता सता रही है उन्हें अपने घर तक जाने के लिए बस और ट­ेन नहीं मिली तो वह हजारों किलोमीटर का सफर पैदल ही त करते हुए अपने घरों की ओर निकल पड़े ।ह मजदूर जैसे ही मध् प्रदेश की सीमा में पहुंचे प्रदेश सरकार ने संज्ञान लिा और इन्हें वाहनों से अपने-अपने घरों तक भेजने का निर्ण लिा ।बीते 2 दिनों से मंदसौर में भी सैकड़ों मजदूर आ रहे हैं,जिन्हें सामाजिक और स्वंसेवी संस्थाओं के सहोग से भोजन कराा गा और प्रशासन ने बसों की व्वस्था कर इन्हें अपने- अपने गांव की ओर भेजा गा। मंदसौर जिले के शामगढ़ में करीब 450 मजदूर उनके गांव तक जाने के लिए पैदल ही आ गए थे उन्हें सामाजिक और स्वंसेवी संस्थाओं ने भोजन कराा और प्रशासन ने 6 बस,एक ट­क और एक बोलेरो के माध्म से उन्हें उनके गांव तक भिजवाा ही स्थिति नाराणगढ़ में भी थी जहां करीब साढे 425 मजदूर थे उन्हें राष्ट­ी स्वंसेवक संघ के माध्म से भोजन कराा गा और प्रशासन ने 7 बसों के माध्म से उन्हें उनके घर तक भिजवाा। ही स्थिति मंदसौर जिले के अन् क्षेत्रों में भी थी जहां बड़ी संख्ा में मजदूर इकट्ठा थे। उन्हें प्रशासन लगातार बसों के माध्म से अपने-अपने घर तक पहुंचाने की कोशिश में जुटा हुआ है।
आज भी नहीं बरती एहतिात, जरूरी सामान के नाम पर की भारी भीड़
प्रदेश में कोरोना के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। इससे बचने के लिए प्रशासन लगातार जागरूकता फैला रहा है। लेकिन आम आदमी है कि जागरूक होना ही नहीं चाहता। कोरोना  से बचने के लिए घर में रहना सबसे ज्ादा जरूरी है। प्रशासन बार-बार कह रहा है किसी भी जरूरी वस्तु की कमी नहीं है, किराना, सब्जी, गैस सब कुछ मिलता रहेगा। लेकिन फिर भी कई लोग सब्जी और किराना के नाम पर घर से निकल रहे हैं जिसके कारण सुबह 6 से 10 बजे तक शहर के घंटाघर, धान मंडी, सम्राट मार्केट सहित कई इलाकों में लोगों का मेला लग रहा है। इन्हें रोकने के लिए पुलिस खासी मशक्कत कर रही है लेकिन फिर भी कामाबी नहीं मिल रही है ।और तो और जो लोग बहाने बनाकर घरों से बाहर आ रहे हैं वह न तो मास्क लगा रहे हैं और ना ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं।
घूमने वालों को पुलिस ने लगाई उठक बैठक
  सड़कों पर आज भी कई लोग बेवजह घूमते हुए दिखाई दिए जबकि कल ही पुलिस ने 16 वाहनों के वाहन और चालक रजिस्ट­ेशन निरस्त किए हैं। ऐसे में आज सड़क पर मिले लोगों को पुलिस ने उठक- बैठक लगवाई ।ह कार्रवाई मंदसौर शहर के अलावा जिले के अन् थाना क्षेत्रों में भी पुलिस द्वारा की गई इसके साथ ही जो लोग किसी आवश्क काम से बाजार में निकले थे, लेकिन उन्होंने कोरोना से बचने के लिए एहतिात नहीं बरती रखी थी, उन्होंने ना तो मास्क लगा रखा था और ना ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे थे । पुलिस ने उन्हें भी रोका और उठक -बैठक लगवाने के बाद घर की ओर भेजा ।और साफ कहा कि कोरोना से बचने के लिए एहतिात जरूरी है ।बिना वजह घर से नहीं निकले और घर से निकले तो मास्क लगा कर ही निकले।
अब बंद रहेगी शराब और भांग की दुकान 
कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए मध् प्रदेश शासन के वाणिज् कर विभाग ने शराब और भांग की दुकानें भी बंद किए जाने का निर्ण लिा ।
इस आश के आदेश जारी करते हुए उपसचिव मध्प्रदेश शासन वाणिज् कर विभाग ने कहा कि 28 मार्च से 14 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में भांग और मदिरा की दुकानें पूरी तरह से बंद रहेगी। इसके साथ ही सिनेमाघर भी 14 अप्रैल तक बंद रखे जाएंगे।
लॉक डाउन में फंसे विद्यार्थिों को भी घर जाने के लिए प्रशासन ने दी सुविधा
मंदसौर शहर के कई विद्यार्थी इंदौर में अध्न के लिए रहते हैं। लॉक डाउन के कारण वह इंदौर में ही फंस गए हैं। ऐसे में मंदसौर जिले में रहने वाले उनके परिजन बच्चों के लिए परेशान हैं जिसके चलते इंदौर प्रशासन ने उन बच्चों को घर तक जाने की सुविधा उपलब्ध कराई है। जो भी बच्चे इंदौर से वापस अपने घर जाना चाहते हैं वह अपने नजदीकी थाने पर संपर्क करें पुलिस प्रशासन उनके घर तक जाने की व्वस्था करेगा।
जरूरी सामान के नाम पर कई उद्योग हो गए चालू
जरूरी सामग्री आटा, दाल आदि की कमी ना हो इसके लिए शासन ने इनके उद्योगों को चालू रखने की अनुमति दी। बावजूद इसके जरूरी सामान के नाम पर मंदसौर के औद्योगिक क्षेत्र में कई उद्योग चालू हो गए। गेहूं, दाल के अलावा दूसरे कई ःलीनिंग प्लांट लगातार चल रहे हैं और उनके हां कर्ारत कर्मचारिों को भी आने के लिए दबाव बनाा जा रहा है। ऐसे में प्रशासन को इस ओर ध्ान देने की आवश्कता है।




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