Saturday, May 8th, 2021 Login Here
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मंदसौर निप्र। भाजपा ने प्रदेश की सत्ता में फिर से आते ही मंदसौर भाजपा जिलाध्यक्ष की कमान युवा नानालाल अटोलिया को सौप दी है। अब तक के सबसे कम उम्र के अध्यक्ष के रूप मेंअटोलिया कामकाज संभालेगें जिससे युवाओं में उत्साह का माहौल है। बदलाव की इस बयार में मंदसौर में भाजपा सदैव मजबूत हुई हैं। पिछले दस सालों में भाजपा ग्राम पंचायत से लेकर नगरीय निकाय और विधानसभा, लोकसभा तक के चुनाव प्रचण्ड बहुमत से जीतती आई है बावजूद इसके भाजपा ने बदलाव करने में कभी भी कदम पीछे नहीं हटाएं ।दस साल में भाजपा ने 6 टॉ अध्यक्ष कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने के लिये दे दिया लेकिन दस सालों में तमाम चुनाव हारने के बाद भी कांग्रेस अपने जिलाध्यक्ष के रूप में कोई नया चेहरा कार्यकर्ताओं को नहीं दे पाई।

डेढ साल पहले हुए विधानसभा चुनाव में भले ही कांग्रेस की सरकार बनी हो लेकिन मंदसौर जिले की चार में तीन सीटे भाजपा जितने में कामयाब हो गई। चौथी सीट कांग्रेस ने जीति और हरदीपसिंह डंग ने विजय परचम लहराया लेकिन कांग्रेस का स्थानीय संगठन उस सीट को भी नहीं बचा पाया ओर डंग की नाराजगी पूरे प्रदेश में कांग्रेस की सत्ता में बदलाव का कारण बन गई ं।अब डंग भी कांग्रेस का दामन छोड़ भाजपा में आ चूके हैं। ग्राम पंचायत से लेकर नगरीय निकाय, विधानसभा और लोकसभा तक के चुनाव कांग्रेस लगातार अपने जिलाध्यक्ष प्रकाश रातडिया की अगुवाई में हारती चली गई। 2009 के चुनाव मेंभाजपा के दिग्गज नेता डॉ लक्ष्मीनारायण पाण्डे को प्रचण्ड बहुमत से हराने वाली गांधी परिवार की निकटतम मीनाक्षी नटराजन जीति लेकिन कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश रातडिया की अगुवाई में हुए 2014 के चुनाव मेंवहीं नटराजन भाजपा के  वर्तमान सांसद सुधीर गुप्ता के सामने 3 लाख 3 हजार 669 मतों से पराजित हो गई और 2019 का चुनाव भी 3 लाख 76 हजार मतों के  प्रचण्ड बहुमत से हार गईं। एक के बाद एक चुनाव कांग्रेस पराजित होती रहीं लेकिन दस साल में कांग्रेस अपने जिलाध्यक्ष के रूप में नया चेहरा कार्यकर्ताओं को नहीं दे पाई लेकिन भाजपा लगातार अपने अध्यक्षों को बदलकर निरन्तर कार्यकर्ताओं को ऊर्जावान बना रहीं है जबकी प्रकाश रातडिया साल 2000 में अंतिम बार नगर पालिका का चुनाव लडे थे और तत्कालिक नपध्यक्ष के भाजपा उम्मीदवार और वर्तमान विधायक यशपालसिंह सिसोदिया के सामने पराजित हुए थे इसके बाद से ही उन्होने कोई चुनाव नहीं लडा और साल 2011 से अब तक निरन्तर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पद पर काबिज है जबकी इस अवधी में भाजपा ने जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष रहें मदनलाल राठौर, सांसद सुधीर गुप्ता, विधायक देवीलाल धाकड़, पूर्व विधायक चंदरसिंह सिसोदिया और बैंक अध्यक्ष राजेन्द्र सुराणा को मौका दिया है। ये तमाम दिग्गज भाजपा नेता जैसे ही किसी चुनाव को  जीते या चुनाव मैदान में उतरे जिलाध्यक्ष पद छोड़ दिया, लेकिन तमाम चुनाव हारने के बाद भी अब तक ना तो कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश रातडिया ने पद को छोडा ओर ना ही कांग्रेस पार्टी ने उन्हें ऐसा करने के लिये कहा हैं। अब जबकी प्रदेश में सरकार भी भाजपा की बन गई हैं, भाजपा ने मंदसौर में युवा अध्यक्ष बिठा दिया है ऐसे में सौश्यल मिडिया पर कांग्रेस अध्यक्ष बदलने की मांग भी उठने लगी हैं।

कांग्रेस का एकमात्र चेहरा
प्रकाश रातड़िया - साल 2000 में नपाध्यक्ष का चुनाव हारे।2011 में कांग्रेस जिलाध्यक्ष बनें तब से अब तक इसी पद पर काबिज है।

 

भाजपा ने बदल दिये 5 चेहरे
साल 2013 भाजपा में मदनलाल राठौर जिलाध्यक्ष रहें इसके अलावा वे जिला पंचायत व जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष रहें।
साल 2013 से लगातार तीन वर्षो तक सुधीर गुप्ता भाजपा जिलाध्यक्ष रहें।साल 2014 में वे सांसद चूने गये और लगातार दो बार कांग्रेस में गांधी परिवार की निकटतम मीनाक्षी नटराजन को प्रचण्ड बहुमत से पराजित कर चूके है।
साल 2016 में वर्तमान विधायक देवीलाल धाकड़ भाजपा जिलाध्यक्ष मनोनित हुए, लेकिन 2018 में गरोठ विधानसभा चुनाव मैदान में उतरने के बाद जिलाध्यक्ष पद  छोड दिया और विधायक निर्वाचित हो गये।
साल 2018 में गरोठ क्षेत्र से विधायक रहें चंदरसिंह सिसोदिया को भाजपा ने अपना जिलाध्यक्ष बनाया कुछ माह तक वे इस पद पर रहे।
साल 2018 के आखरी में जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष रहे राजेन्द्र सुराणा को भाजपा ने अपना जिलाध्यक्ष बनाया अब तक वे इस पद पर काबिज थे। सुराणा बैंक अध्यक्ष रहने के अलावा जनपद के अध्यक्ष भी रहे।
Chania