Monday, May 17th, 2021 Login Here
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छोटे पान, गुटका व्यापरियों को अनुमति नही, धन्नासेठों को दे दी अनुमति 
 मंदसौर डब्ल्यूएचओ ने कोरोना वायरस को फैलाने में धूम्रपान को भी एक महत्वपूर्ण कारण माना है जिसके बाद भारत सरकार ने तंबाकू उत्पाद बीड़ी, सिगरेट के विक्रय पर प्रतिबंध लगा रखा है बावजूद इसके अब मंदसौर जिला प्रशासन के आदेश से लोग सरकार के प्रतिबंध के बावजूद भी धड़ल्ले से धुआं उड़ाएंगे।
 लॉक डाउन में भले ही प्रशासन ने छोटे पान, गुटखा व्यापारियों को व्यापार करने की अनुमति नहीं दी है लेकिन धन्ना सेठों को यह व्यापार करने की अनुमति जारी कर दी गई जिसके बाद शुक्रवार की सुबह से पूरे शहर में होलसेल कारोबारी  धड़ल्ले से अपना कारोबार करने में जुट गए। जबकि 2 दिन पहले कलेक्ट्रेट कार्यालय में हुई संकट प्रबंधन समिति की बैठक में भी पान, गुटखा धूम्रपान पर प्रतिबंध ही लगाए रखने का निर्णय लिया गया था। बावजूद इसके प्रशासन के अधिकारियों ने थोक में 30 नंबर बीड़ी को बेचे जाने की अनुमति जारी कर दी जबकि धूम्रपान पहले से ही खतरनाक है। कोरोना के संक्रमण में तो यह और भी ज्यादा खतरनाक है यह हम नहीं कह रहे बल्कि डब्ल्यूएचओ खुद कह रहा है बावजूद इसके प्रशासन ने इसे बेचने की अनुमति जारी कर दी है। मज़ेदार बात यह है कि इस अनुमति को जारी करने के बाद प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार इस पर कुछ बोलने को तैयार ही नहीं है। जन सारंगी ने पड़ताल की तो उसके हाथ एडीएम द्वारा किए गए आदेश की प्रति लग गई जिससे साफ हुआ कि प्रशासन ने ही थोक में 30 नंबर बीड़ी को बेचने की अनुमति जारी की है।
Chania