Monday, May 17th, 2021 Login Here
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मंदसौर जिले की दो छात्राओं ने प्रदेश में पहला तथा छात्र ने पाया दूसरा स्थान
मंदसौर जनसारंगी।
हायरसेकण्डरी बोर्ड परिक्षा में मंदसौर की दो बेटियों ने भगवान पशुपतिनाथ की नगरी के आंगन को पूरे प्रदेश में महका दिया है। मंदसौर के उत्कृष्ठ विघालय में अध्ययन करने वाले इन बेटियों प्रिया राठौर तथा रिंकू बथरा ने गणित समूह में 500 में से 495 अंक लाकर प्रदेश की प्राविण्य सूची में पहला स्थान पाया है तथा मंदसौर उत्कृष्ट विघालय के ही हरिश कारपेंटर ने 500 में 491 अंक पाकर दूसरा स्थान पाया है। प्रदेश की प्राविण्य सूची के टॉप तीन में मंदसौर के बेटे-बेटियों ने स्थान पाकर पूरे जिले को गौरवान्वित कर दिया है।मंदसौर में सफलता का प्रतिशत 67.96 प्रतिशत रहा जिसमें से 60.22 प्रतिशत छात्र तथा 76.32 प्रतिशत छात्राएं र्उत्तीण हुई।
मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल ने सोमवार की दोपहर में 12 की परीक्षा का रिजल्ट जारी किया। कोरोना वायरस और लॉक डाउन की वजह से 9 से 16 जून के बीच 12 वी के बचे हुए पेपरों की परीक्षा हुई थी यह पहली बार है कि जब 12 वी की परीख्ज्ञाएं इतनी देरी से हुई ओर परीक्षा परिणाम भी इतना लेट आया है। मंदसौर जिले में 2632 बालक और 2437 बालिकाओं सहित  5071 बच्चें कक्षा12 की परीक्षा में सम्मिलित हुए थे जिसमें से सभी के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिये गये। जिसमें 1390 प्रथम श्रेणी में ,1692 द्वितिय श्रेणी में तथा 362 तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए है। प्रथम श्रेणी में छात्राओं ने बाजी मारी तथा प्रदेश की प्राविण्य सूची में भी पहला स्थान मंदसौर के लाल बहादूर शास्त्री उत्कृष्ट विघालय की दो छात्राओं ने पाया है तथा दूसरा स्थान भी मंदसौर के ही छात्र को मिला है। मंदसौर के उत्कृष्ट विघालय में पढ़ने वाली मल्हारगढ तहसील के ग्राम कनघट्टी की रहने वाले प्रिया पिता शंभुलाल राठौर ने 500 में से 495 अंक लाकर प्रदेश की प्राविण्य सूची में पहला तथा मंदसौर के जनकूपुरा क्षेत्र की रिंकू पिता मुकेश बाथरा ने भी 500 मे ंसे 495 अंक लाकर प्रदेश के प्राविण्य सूची में पहला स्थान पाया है इस तरह प्राविण्य सूची में पहले स्थान दो छात्राएं आई है और दोनो ही मंदसौर के उत्कृष्ट विघालय में अध्ययन करने वाली है। इसके साथ दूसरे स्थान पर हरीश पिता जगदीश कारपेंटर ने भी उत्कृष्ट विघालय में ही अध्ययन करते हुए प्रदेश की प्राविण्य सूची में दूसरा स्थान पाया है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में 12 वी बोर्ड का रिजल्ट कॉफी अहम् है इसीलिये छात्रों को 12 वी के रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार था क्योंकि सितम्बर में नीट की परीक्षाएं भी आयोजित होने वाली है। उधर मंडल द्वारा रिजल्ट जारी होते ही बच्चें खुशी से चहक उठे। प्रदेश की प्राविण्य सूची में पहला स्थान पाने वाली प्रिया इस वक्त अपने नाना के घर मल्हारगढ़ में थी उसे वहीं अपने प्रदेश की प्राविण्य सूची में आने की खबर मिली इसके बाद तो उसके पूरे परिवार में खुशियों का माहौल बन गया इसके साथ दूसरे सफल छात्रों के चेहरे भी खुशियों से दमक उठे। रिजल्ट घोषित होते देखने के उत्सुक छात्रों ने नेट खंगालना शुरू कर दिया, हालांकि शुरूआती  थोड़ी देर तो बच्चों को रिजल्ट देखने में दिक्कत भी आई लेकिन बाद में आराम से बच्चे ंअपना रिजल्ट वेबसाईट पर देख पा रहे थे।
आईएएस बनना चाहती है प्रदेश की टॉपर प्रिया
गणित संकाय में कक्षा 12 वी की प्राविण्य सूची में पहला स्थान पाने वाली मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ तहसील के ग्राम कनघट्टी की रहने वाली प्रिया राठौर आईएएस बनना चाहती हैं। उसने अपनी सफलता का श्रेय अपने विघालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ ही अपने माता-पिता को देते हुए कहा कि उसे अध्ययन में अपने स्कूल के गुरूजनोंका खूब सहयोग मिला है, उसे जब कभी भी किसी भी विषय में दिक्कत आती तो सदैव उसके विघालय के गुरूजनों उसकी कठिनाईयों को दूर करते थे इसके अलावा उसने घर पर 7 घंटे नियमित पढाई की। प्रिया के पिता गरीब परिवेश में रहते है दो बीघा जमीन के सहारे वे अपने परिवार का जीवन यापन करते है, पांच बहनों में सबसे बड़ी प्रिया का सपना है यूपीएससी भी टॉप करते हुए आईएएस बनना। इसके लिये उसने 12 वी की परीक्षा होते ही यूपीएससी की पढाई भी शुरू कर दी है। मंदसौर से बीए करने के साथ ही वह यूपीएससी की तैयारी भी करेगी।
 टॉपर रिंकू कहती है लक्ष्य बनाकर मेहनत करें सफलता मिलेगी
गणित संकाय में कक्षा 12 वी की प्राविण्य सूची में पहला स्थान पाने वाली मंदसौर शहर के जनकूपूरा की रहने वाली प्रिया पिता मुकेश बाथरा का कहना है कि यदि लक्ष्य बनाकर मेहनत की जाये तो सफलता जरूर मिलती हैं।विघार्थी घबराएं नहीं और लक्ष्य को पाने के लिये कड़ा संघर्ष करें सफलता जरूर मिलेगी। मैने प्राविण्य सूची में स्थान पाने के लिये लक्ष्य बनाया और रोज सुबह 5 बजे उठकर अध्ययन किया, क्योंकि सुबह का किया अध्ययन बहुत अच्छा होता हैं। सुबह पढने के बाद स्कूल और वहां से आने के बाद भी अध्ययन करना सफलता का सुत्र हैं। इस सफलता में स्कूल के गुरूजनों के साथ ही माता-पिता का भी खुब सहयोग मिला जिसके कारण सफलता का यह मुकाम हासिल हुआ है। रिंकू कहते कि सफलता की एकमात्र कुंजी है कड़ी मेहनत, दिक्कते भी आती है तो बच्चे डरे नहीं और लड़े सफल जरूर होगें ।इसलिये सभी छात्रों को कड़ी मेहनत करते हुए अध्ययन करना चाहिये ,सफलता निश्चित मिलेगी।
महिका ने पाया जिले की प्राविण्य सूची में पहला स्थान
 शिक्षाविद् एवं समाजसेवी हेमंत अग्रवाल की सुपुत्री महिका अग्रवाल ने कामर्स संकाय में जिले की प्राविण्य सूची में पहला स्थान पाया है। दिगम्बर जैन स्कूल में अध्ययनरत महिका ने कामर्स संकाय में 93.6 प्रतिशत अंक अर्जित कर  प्रदेश की प्राविण्य सूची में 11 स्थान अर्जित किया। प्रारम्भ से ही मेघावी छात्रा रही  महिका ने पूरे वर्ष अथक परिश्रम कर इस सफलता को अर्जित किया।  महिका अपनी सफलता का श्रेय कडी मेहनत को ही देती है। उसका कहना है कि यदि विघार्थी मन लगाकर अध्ययन करेगें तो उन्हें सफलता जरूर मिलेगी। वह अपनी सफलता के पीछे कडी मेहनत, गुरूजन और अपने माता-पिता को मानते हुए कहती है कि उसके गुरूजनों ने जो मार्गदर्शन दिया और माता-पिता ने हौसला बढाया उसी का परिणाम है कि आज उसे सफलता मिली है। सफलता पर अग्रवाल समाज सहित इष्ट मित्रों नें शुभकामनाएं देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की है।

Chania