Saturday, May 8th, 2021 Login Here
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बिना लायसंस कर रहे थे बैंकिंग कारोबार, ब्लेंक चेंक  भी हुए बरामद, राशि वापस लेने के लिए जनता को करना होगा आवेदन
मंदसौर जनसारंगी।

एक लंबे अर्से से भोले-भाले लोगों को लालच में बर्गलाकर उनकी गाड़ी कमाई को लूटने वाली चिंटफंड कंपनियों के खिलाफ मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चैहान ने सख्ती दिखाई है इसके बाद प्रशासन भी पूरी तरह से हरकत में आ गया है इसी के चलते मंदसौर जिला प्रशासन ने आदित्य म्युअचल बेनिफिट फंड निधि एलटीडी की जांच की गई। जांच के बाद आदित्य म्यूअचल बेनिफिट फंड निधि एलटीडी एवं मापा फिनइंडिया निधि लिमिटेड संजीत रोड,  को सील कर दिया गया। शासन से प्राप्त निधि कंपनि म्यूअचल बेनिफिट सोसायटी को कंपनि अधिनियम 2013 की धारा 406 के तहत भारत सरकार द्वारा डिक्लियर नहीं किया गया। ऐसी दशा में प्रदेश की जनता को इन निधि कंपनियों में अपनी राशि जमा नहीं कराने हेतु जागरूक किया जाना आवश्यक है साथ इन कंपनियों द्वारा निधि कंपनि म्यूअचल बेनिफिट सोसायटी के रूप में ऐसी गतिविधियॉ नहीं की जा सकती है इसके साथ ही दुधेश्वर महादेव निधि लिमिटेड ग्राम चिरमोलिया, साक्षीश्री निधि लिमिटेड भानपुरा पर भी कार्रवाहीं करते हुए इन संस्थाओं में जमा आम जनता का पैसा दिलाने की कार्रवाहीं भी की जाऐगी जिन व्यक्तियों के द्वारा इनमें राशि जमा की गई है तो वापस प्राप्त करने हेतु अपने आवेदन पत्र अल्प बचत शाखा में संदीप शिवा डिप्टी कलेक्टर के समक्ष अपने आवेदन पत्र प्रस्तुत करें।
म्प्र शासन के संचालनालय संस्थागत वित्त के सह आयुक्त गणेश शंकर मिश्रा ने आदित्य वैंचर बेनिफिट लिमिटेड के भानपुरा और सहित अन्य कंपनियों पर कार्रवाहीं के निर्देश दिए और कहा  कि भारत सरकार के कारर्पोरेट कार्य मंत्रालय ने निधि  कंपनी/ म्यूचअल बेनिफिट सोसायटी को कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 406 के तहत भारत सरकार द्वारा अधिकृत नहीं किया गया है ऐसी दशा में प्रदेश की जनता को इन निधी कंपनियों में अपनी राशि जमा नहीं करने के लिए जागरूक किया जाना आवश्यक है। साथ ही इन कंपनियों द्वारा निधि कंपनी, म्यूचअल बेनिफिट सोसायटी के रूप में ऐसी गतिविधिया नहीं की जा सकती है इसलिए तत्काल कार्रवाहीं की जाए। इन निर्देशों के बाद कलेक्टर मनोज पुष्प ने डिप्टी कलेक्टर, एसडीएम, सीएसपी और लीड बैंक मैनेजर को शामिल करते हुए एक कमेटी का गठन किया । प्रशासन का अमला शनिवार को मंदसौर के किटियानी स्थित आदित्य वेंचर और संजीत मार्ग रेल्वे फाटक के पास स्थित मापा फायनंस निधी लिमिटेड के कार्यालय पर पहुंचा और दोनो ही कार्यालयों को सील कर दिया इसके साथ ही सखीश्री निधि लिमिटैड भानपुरा और दूधेश्वर महादेव निधि लिमिटेड चिरमोलिया पर भी कार्रवाहीं के निर्देश शासन ने दिए है। बताया जाता है कि जिन कंपनियों को सील किया गया है वे अधिकार ना होने के बाद भी धडल्ले से बैंकिंग कारोबार कर रहे थे और तो और कार्यालय के बाहर बड़े-बड़े अक्षरों में कार्पोरेट मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पंजीकृत एवं भारतीय रिजर्व बैंक नियमों द्वारा संचालित होने के दावे तक किए हुए थे बावजूद इसके लंबे समय से किसी भी जिम्मेदार की नजरों में नहीं आए ।
उल्लेखनिय है कि मंदसौर जिले में चिटफंड कंपनियां धडल्ले से खुल गई थी कई गली-मोहल्लों में इनके कार्यालय चल रहे थे जो आम जनता की गाड़ी कमाई का पैसा उन्हें बडे-बड़े सपने दिखाकर लूट रहे थे। मंदसौर जिले में हजारों लोगों को करोड़ों -अरबों रूपया इन चिटफंड कंपनियों में डूब गया है इनके कर्ताधर्ता जनता को सपने दिखाकर पैसा जमा कराते है और जब समयावधी पूरी होने पर जब पैसा वापस देने का समय आता है उससे पहले ही कार्यालयों पर ताले लगाकर गायब हो जाते है। मंदसौर में एक-दो नहीं बल्कि कई मामलें सामने आ चूके है जिसमें मेहनत से पैसा कमाने वालों ने थोड़े से लालच में आकर अपना पैसा लगा दिया और उन्हें बैंक और अन्य शासकीय संस्थानों से ज्यादा तो ठीक उनका मूल रूपया भी वापस नहीं मिल पाया। पैसा डूबने के बाद पुलिस के चक्कर भी लगाऐ लेकिन कानूनी प्रावधान नहीं होने के कारण अब तक किसी भी कर्ताधर्ता पर ठोस कार्रवाहीं नहीं हो पाई है लेकिन मंदसौर विधायक यशपालसिंह सिसोदिया ने इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया और विधानसभा में भी सवाल किया था इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चैहान चिटफंड कंपनियों के विरूद्ध सक्रिय हुए और प्रशासन को कार्यवाहीं के निर्देश दिए जिसके बाद मंदसौर में भी प्रशासन सख्त हो गया है जिसके चलते पिछले दिनों पुलिस ने भी केंप लगाकर जनता से फरियाद सूनी थी जिसमें कई लोगों ने उनके साथ हुई ठगी का खुलासा किया था। इसके बाद बितें दिनों मुख्यमंत्री श्री चैहान ने साफ कहा कि आने वाले दिनों में कलेक्टर-कमीश्नर कांफ्रेस में चिटफंड कंपनियों पर हुई कार्रवाहीं की समीक्षा की जाऐगी । इससे पहले मंदसौर जिला प्रशासन ने कुछ कंपनियों के कर्ताधर्ताओं की सम्पत्ति पर भी शासन का कब्जा जमा लिया है ताकी सम्पत्ति से आम जन की गाडी कमाई को लोटाया जा सके।
आदर्श चेयरमेन और प्रबंधन पर प्रकरण दर्ज
प्रशासन ने शासन के आदेश पर दो कंपनियों पर कार्रवाहीं की है वहीं एक और मामला आदर्श क्रेडिट को ऑपरेटिव सोसायटी का सामने आया है जिसमें आम लोगों का करोड़ों रूप्या फंसा हुआ है जिसके चलते पहले भी इसके कर्ताधर्ताओं पर कई जगहों पर मामलें दर्ज हुए है । शनिवार को आदर्श सोसायटी के चेयरमेन और प्रबंधक पर एक और मामला मंदसौर में भी दर्ज किया गया है। कोतवाली पुलिस ने बताया कि तेजपालसिंह पिता नारायणसिंह निवासी कर्मचारी कालोनी गांधी नगर ने सोसायटी में एक लाख रुपए की एफडी कराई थी। एक लाख के एक लाख चैबीस हजार देने का वादा सोसायटी के कर्ताधर्ताओं ने किया था, लेकिन अब राशि नहीं दी जा रही। पुलिस ने इस मामले में चेयरमेन मुकेश मोदी और प्रबंधक राहुल मोदी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

इनका कहना
जनता से जमा लेने की  शासन से कोई अधिकार नहीं दिए गये है ऐसे में जनता के पैसे को बचाने के लिए कार्रवाहीं की जा रहीं है। शासन से जैसे ही कार्रवाहीं के निर्देश मिले तत्काल कार्रवाहीं की गई हैं। यहां से ब्लेंक चेंक भी हस्ताक्षर युक्त मिले है। इनके बारे में अभी जांच की जा रहीं है। जांच के बाद ही इस मामलें में विस्त्रत पता लगेगा।
कुमार उदयन, लीड बैंक मैनेजर
पैसा एकत्र करने और लोन देने के अधिकार नहीं होने के बाद भी डिपाजिट और लोने देने का काम किया जा रहा था जिसके कारण शासन के निर्देश से मापा निधि संजीत फाटक के पास और आदित्य वैंचर किटियानी के कार्यालय को सील किया गया हैं। दोनो ही कंपनिया के बारे में शासन के वित्त विभाग ने अवगत कराया कि इन्हें मान्यता नहीं है बावजूद इसके यह बैंकिंग कारोबार कर रहीं थी।
एसडीएम
Chania