Saturday, May 8th, 2021 Login Here
भोईवाडा की घटना के बाद मंदसौर में पुलिस का फ्लेग मार्च जावरा विधायक से पंगा और मंदसौर के हिस्सें की आॅक्सीजन रोकना भरी पड़ा कलेक्टर को, विधायक सिसोदिया की सीएम के समक्ष कड़ी आपत्ति के बाद विवाह की खुशी में भूल गए लाॅकडाउन के आदेश/ शादि में मेंहमान बन कर पहुंच गऐ एसडीएम और टीआई बीस दिन लाॅकडाउन के बाद भी कोरोना काबू नहीं हुआ तो अब सीएम के निर्देश के बाद मंदसौर में भी शुरु हुआ सख्ती वाला लॉक डाउन कोरोना के तांडव की हकीकत बयां करती मंदसौर के शमशान की सच्चाई ! कोरोना से जंग में भारतीय जैन संघठना ने नृत्य नाटिका के माध्यम से दिया सकारात्मकता का सन्देश रतलाम के एडवोकेट सुरेश डागर की मृत्यु का मामला गरमाया इंदौर के एडवोकेट ने हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना पर जबलपुर उच्च न्यायालय में की याचिका दायर रतलाम के एडवोकेट सुरेश डागर की मृत्यु का मामला गरमाया इंदौर के एडवोकेट ने हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना पर जबलपुर उच्च न्यायालय में की याचिका दायर बेटा चाहता था ऐश का जीवन जीने के लिए जमीन बेचना, माॅ ने मना किया तो कर दी हत्या कोविड की मार ने तोड़ी आम लोगों की कमर, बिगाडा मध्यवर्गीय परिवार का बजट योग बना रहा निरोग, कोरोना से जीती जंग आपदा में गायब धरती के भगवान! एक दर्जन डाक्टरों को नोटिस अग्रवाल समाज द्वारा सवा लाख महामृत्युंजय जाप एवं नवचंडी अनुष्ठान हुआ आरंभ अग्रवाल समाज सोमवार से सवा लाख महामृत्युंजय जप एवं नवचंडी अनुष्ठान का आयोजन करेगा लापरवाहीं- कोरोना लेकर बाजार में घूम रहे संक्रमित,

नई दिल्ली
देश में कोरोना के खिलाफ वैक्सीनेशन की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भावुक हो गए। कोरोना काल के मुश्किल वक्त को याद कर उनकी आंखें नम हो गईं और गला भर आया। उन्होंने कहा कि जो हमें छोड़कर चले गए, उन्हें वैसी विदाई भी नहीं मिल सकी, जिसके वे हकदार थे। मन उदास हो जाता है, लेकिन साथियों संकट के उस वातावरण में निराशा के वातावरण में कोई आशा का भी संचार कर रहा था। हमें बचाने के लिए अपने प्राणों को संकट में डाल रहा था।

उन्होंने कहा कि हमारे डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, पुलिस, आशा वर्कर्स, सफाई कर्मचारी उन्होंने अपने दायित्व को निभाया। अपने परिवार से दूर रहे। कई-कई दिन तक घर नहीं गए। सैकड़ों साथी ऐसे भी हैं कि जो कभी घर वापस नहीं लौटकर नहीं आ पाए।

जिन्होंने अपनी जान दांव पर लगाई, पहला टीका उनके लिए
उन्होंने एक-एक जीवन को बचाने के लिए अपना जीवन आहूत कर दिया। इसलिए कोरोना का पहला टीका स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोगों को लगाकर एक तरह से समाज अपना ऋण चुका रहा है। यह कृतज्ञ राष्ट्र की उनके लिए आदरांजलि भी है।

जिसे हमारी कमजोरी समझते थे, वहीं ताकत बनी
उन्होंने कहा कि साथियों मानव इतिहास में कई आपदाएं आई, युद्ध हुए, लेकिन कोरोना ऐसी महामारी थी, जिसका अनुभव न तो साइंस को था न सोसायटी को था। जो खबरें आ रही थीं वह पूरी दुनिया के साथ-साथ हर भारतीय को विचलित कर रही थी। ऐसे हालात में दुनिया के बड़े-बड़े एक्सपर्ट्स भारत को लेकर तमाम आशंकाएं जता रहे था। भारत की बहुत बड़ी आबादी को कमजोरी बताया जा रहा था, लेकिन हमने उसे अपनी ताकत बना लिया।

समय से पहले हम अलर्ट हुए : मोदी
उन्होंने कहा कि 30 जनवरी को भारत में कोरोना का पहला मामला मिला। लेकिन इससे दो हफ्ते पहले ही भारत हाई लेवल कमेटी बना चुका था। 17 जनवरी 2020 को हमने पहली एडवायजरी जारी कर दी थी। भारत उन पहले देशों में था जिसने अपने एयरपोर्ट पर अपने यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी थी। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भारत में जिस सामूहिक शक्ति का प्रमाण बताया है उसे आने वाली पीढ़ियां याद करेंगी।

हमने देश का आत्मविश्वास बनाए रखा : PM
उन्होंने कहा कि हमने ताली-थाली बजाकर और दिया जलाकर देश के आत्मविश्वास को बनाए रखा। कोरोना को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका यही था कि जो जहां था वहीं रहे। लेकिन देश की इतनी बड़ी आबादी को बंद रखना आसान नहीं था। इसका अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा यह भी हमारी चिंता थी, लेकिन हमने व्यक्ति की जिंदगी को प्राथमिकता दी।

Chania