Saturday, May 8th, 2021 Login Here
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निर्वाचन आयुक्त ने राजनीतिक दलों की बैठक में साफ कहा दोनो में से एक चुनाव मार्च में ही होगें घोषित
भोपाल जनसारंगी।

उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद राज्य निर्वाचन आयोग निकाय चुनाव शीघ्र ही कराऐ जाने को लेकर कमर कसता हुआ नजर आ रहा है। देश के कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव और मध्यप्रदेश में बोर्ड परिक्षाओं और कोरोना के बढ़ते प्रभाव के चलते चुनाव आगे बढाऐ जाने की संभावना कम नजर आ रहीं है। मंगलवार को चुनाव आयुक्त ने साफ कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए निकाय या पंचायत दोनो में से किसी एक चुनाव की घोषणा मार्च माह में अनिवार्य रूप से आयोग करेगा।आयोग अभी पंचायत चुनाव कराने के लिए तैयार है, लेकिन बहुत सी कार्यवाही शासन स्तर पर लंबित है। यह कार्यवाही आगामी 15 से 20 दिन में पूरी होने पर ही पंचायत निर्वाचन करवाने पर विचार किया जा सकता है। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो पहले नगरीय निकायों के निर्वाचन कराए जाएंगेे। ऐसे में अब उम्मीद की जा रहीं है कि उम्मीद की जा रहीं है कि 12 मार्च के बाद निर्वाचन आयोग पंचायत या निकाय चुनाव की तारिखों का ऐलान कर देगा । ऐसा इसलिए भी कहा जा रहा है क्य ेंकि 12 मार्च को ही प्रदेश के मुखिया शिवराजसिंह चैहान प्रदेश स्तरीय समारोंह में नगरीय क्षेत्र के हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं से लाभांवित करेगें। उधर चुनाव की तैयारियों को लेकर राज्य निर्वाचन आयुक्त ने प्रदेश का आला अफसरों के साथ बैठक कर चुनाव के दौरान की जाने वाली सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मंगलवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में भी चुनाव आयुक्त ने इस बात के संकेत दिए है।
 निकाय चुनाव चुनाव का आरक्षण होने के साथ ही दावेदारों ने भी चुनावी तैयारियों को शुरू कर दिया है। मंदसौर से लेकर उज्जैन और भोपाल तक दावेदार दौड़ लग रहे है वहीं वार्ड से लेकर शहर भर में भी जनसम्पर्क किया जा रहा है। पिछले दिनों जैसे ही चुनाव दो महिने के आगे बढ़े थे उम्मीदवारों के अरमानों पर भी पानी फिरता दिख रहा था लेकिन अब दो महिने का समय भी पूरा हो गया है और पिछले दिनों उच्च न्यायालय ने भी चुनाव शीघ्र कराऐ जाने  को लेकर निर्देश दिए है ऐसे में माना जा रहा है कि अब चुनाव और ज्यादा आगे नहीं बढ़ेगे क्योंकि निर्वाचन आयुक्त ने मंगलवार को देर शाम चुनाव की तैयारियों को लेकर राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इसमें दलों ने कहा कि पहले त्रि-स्तरीय पंचायतों के चुनाव कराए जाएं। प्रतिनिधियों का कहना था कि पंचायत निर्वाचन अभी नहीं कराए गए, तो वर्षाकाल (20 जून से 20 अगस्त) में पंचायत निर्वाचन संभव नहीं होंगे, क्योंकि एमपी बोर्ड की परीक्षाएं 30 अप्रैल से 18 मई तक और सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं 4 मई से 12 जून तक निर्धारित हैं। इस परीक्षाओं के बाद नगरीय निकाय चुनाव कराए जा सकते हैं।
बैठक में कांग्रेस के प्रतिनिधियों ने आयोग से मांग की है कि नगरीय निकाय और पंचायत के चुनाव इवीएम की बजाय मतपत्र से कराए जाएं, लेकिन आयुक्त ने साफ कर दिया कि चुनाव इवीएम से ही कराए जाएंगे।  बैठक में राजनैतिक दलों के सदस्यों द्वारा वोटर लिस्ट में खामियों और गड़बड़ी की बात एक बार फिर उठाई। इस पर आयुक्त ने बताया कि सभी शिकायतों का निराकरण किया जा रहा है।
इस बैठक में चुनाव आयुक्त द्वारा दिए गये संकेतों से 12 मार्च के बाद चुनाव की घोषणा होना तय माना जा रहा है। पंचायत चुनाव में सरकार स्तर से बीस दिन की कार्रवाहीं बाकी है ऐसे में संभावना यहीं है कि आयोग पहले निकाय चुनाव की घोषणा कर देगा क्योंकि पिछले दिनों  सभी कलेक्टरों को चुनावी मोढ में रहने के निर्देश के साथ ही राज्य निर्वाचन आयुक्त बीपी सिंह ने चुनाव में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उच्च स्तरीय अफसरों की बैठक बुलाई थी। जिसमें पुलिस महानिदेशक (क्ळच्) विवेक जौहरी और अपर मुख्य सचिव डा. राजेश राजौरा मौजूद रहे। आयुक्त सिंह ने बैठक में निर्देश दिए हैं कि संवेदनशील बूथों (मतदान केंद्रों) पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। प्रदेश में नगरीय निकाय के चुनाव 2 चरणों और पंचायत चुनाव 3 चरणों में कराए जाएंगे। आयोग की तैयारी के मुताबिक अतिरिक्त संवेदनशील मतदान केंद्रों में वीडियो कैमरे लगवाए जाएंगे और संवेदनशील मतदान केंद्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। माना जा रहा है कि 12 मार्च के बाद चुनाव की तारीखों का ऐलान हो सकता है। इसको देखते हुए आयोग अंतिम चरण की तैयारियों में जुटा है।
 बैठक में राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता शांतिपूर्ण चुनाव कराना है। चुनाव की घोषणा होते ही आचार संहिता प्रभावी हो जाएगी। बैठक में पुलिस बल के इलेक्शन ड्यूटी सर्टिफिकेट को लेकर भी चर्चा की गई। साथ ही बताया गया कि पहली बार नामांकन-पत्र में गलत जानकारी देने पर छह महीने की सजा और 25 हजार रुपए के जुर्माने का प्रावधान रहेगा। निकाय चुनाव में सामान्य के साथ-साथ व्यय पर्यवेक्षक भी नियुक्त किए जाएंगे। बैठक में आयोग के सचिव दुर्ग विजय सिंह, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आदर्श कटियार सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। दूसरी तरफ नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि निकाय चुनाव को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के खातों में दूसरी किस्त की राशि जमा होनी है। इसके लिए 12 मार्च को कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसलिए संभावना है कि इसके बाद चुनाव कार्यक्रम घोषित हो जाए। उधर, राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी कलेक्टरों को चुनाव के लिए तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
Chania