Friday, May 7th, 2021 Login Here
रतलाम के एडवोकेट सुरेश डागर की मृत्यु का मामला गरमाया इंदौर के एडवोकेट ने हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना पर जबलपुर उच्च न्यायालय में की याचिका दायर रतलाम के एडवोकेट सुरेश डागर की मृत्यु का मामला गरमाया इंदौर के एडवोकेट ने हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना पर जबलपुर उच्च न्यायालय में की याचिका दायर बेटा चाहता था ऐश का जीवन जीने के लिए जमीन बेचना, माॅ ने मना किया तो कर दी हत्या कोविड की मार ने तोड़ी आम लोगों की कमर, बिगाडा मध्यवर्गीय परिवार का बजट योग बना रहा निरोग, कोरोना से जीती जंग आपदा में गायब धरती के भगवान! एक दर्जन डाक्टरों को नोटिस अग्रवाल समाज द्वारा सवा लाख महामृत्युंजय जाप एवं नवचंडी अनुष्ठान हुआ आरंभ अग्रवाल समाज सोमवार से सवा लाख महामृत्युंजय जप एवं नवचंडी अनुष्ठान का आयोजन करेगा लापरवाहीं- कोरोना लेकर बाजार में घूम रहे संक्रमित, चार महिने में नहीं बन पाया सवा दो सौ मीटर का नाला दूकान का शटर बंद लेकिन अंदर मिले ग्राहक हर दिन आॅक्सीजन आने का दावा लेकिन खत्म नहीं हो रहीं मारा-मारी *रजिस्ट्री की गाइड लाइन 30 जून तक यथावत* MP में 1 मई से शुरू नहीं होगा वैक्सीनेशन पार्ट-3:2.5 लाख डोज की पहली खेप 3 मई तक मिली तो 18+ लोगों को 5 मई से लगेगा टीका, 19 हजार लोगों ने कराया रजिस्ट्रेशन सोमली नदी को पार कर मंदसौर की तरफ आगे बढा चंबल का पानी

परिजन सिलेंण्डर लेकर भरवाने के लिए हो रहे परेशान, निजी अस्पताल भी मंगवा रहे परिजनों से ही
मंदसौर जनसारंगी

मंदसौर में आॅक्सीजन की आपूर्ति के लिए हर दिन आॅक्सीजन आने का दावा किया जा रहा है लेकिन हकीकत यह है कि लोग आॅक्सीजन के लिए लगातार परेशान हो रहे है। ना तो अस्पतालों में भर्ती मरीजों के लिए आॅक्सीजन की पूर्ति हो पा रहीं है और ना ही घरों में आईसोलेट मरीजों को जरूरत पढने पर आॅक्सीजन मिल रहीं है। हालत यह कि मरीज के परिजनों को जहां से भी आॅक्सीजन भरे जाने के बारे में खबर लगती है वे खाली सिलेंण्डर लेकर पहुंच रहे है लेकिन वहां जाने के बाद भी उन्हें निराशा ही मिल रहीं है।
मंदसौर में इस वक्त कोरोना के मरीज जिस तेजी से बढ रहे है अधिकांश मरीजों को आॅक्सीजन की जरूरत लग रहीं है। इसके लिए  प्रशासन ने पूरे जिले भर से आॅक्सीजन के खाली सिलेंण्डर एकत्र कर लिए, आॅक्सीजन भरने वालों को भी अधिग्रहित कर लिया। इसी बीच मंदसौर के जिला चिकित्सालय मे आॅक्सीजन का प्लांट भी चालु हो गया हालांकि वहां से अभी केवल 45 बेड पर ही आॅक्सीजन की आपूर्ति हो रहीं है।  लेकिन बाहर से लगातार आॅक्सीजन की आपूर्ति किए जाने के दावे हो रहे है जबकी हकीकत यह है कि पूरे शहर में मरीजों के परिजन आॅक्सीजन के खाली बाॅटले ले कर उन्हें भरवाने के लिए घूम रहे हैं । क्योंकि मंदसौर के निजी अस्पतालों के पास भी आॅक्सीजन नहीं है जिसके कारण वे मरीज को भर्ती करने से पहले ही कह रहे है कि आॅक्सीजन का इंतजाम उन्हें ही करना पडेगा । इसके अलावा कई लोग ऐसे भी है जिन्हें घरों में आॅक्सीजन की आवश्यकता पढ रही है क्योंकि अस्पतालों में जगह है नहीं ऐसे में कई मरीज घर में ही अपना उपचार करवा रहे है। बावजूद उन्हें आॅक्सीजन नहीं मिल पा रहीं है। उधर अस्पतालों में भी लगातार मौत के आंकड़े भयावह सामने आ रहे है। इनके पीछे भी आॅक्सीजन और इंजेक्शन की कमी बताई जा रहीं है।
ऐसे में बडा सवाल उठ रहा है कि यदि हर दिन आॅक्सीजन की आपूर्ति समुचित होने के दावे सहीं है तो फिर मरीजों के परिजनों को आॅक्सीजन के लिए भटकना क्यों पड़ रहा है। ऐसे में प्रशासन को पुख्ता व्यवस्था करनी चाहिए ताकी जो मरीज निजी अस्पतालों में भर्ती है अथवा जिन्हें घर पर आॅक्सीजन की आवश्यकता है उन्हें एक नियमावली के तहत आसानी से आॅक्सीजन उपलब्ध हो जाऐ ताकी परिजनों को जगह-जगह भटकना नहीं पडे।
Chania