Monday, May 17th, 2021 Login Here
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पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले में जबलपुर का लाल अश्विनी काछी भी शहीद हो गया था। शहीद को अंतिम विदाई के लिए हजारों की संख्या में लोग पैतृक गांव खुड़ावल पहुंचे हुए हैं। यहां वीर सपूत को अंतिम विदाई दी जा रही है। सीआरपीएफ की टुकड़ी ने अपने साथी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।लोगों को इतना हुजूम उमड़ा है कि पुलिस के भी पसीने छूट गए हैं। जबलपुर से शहीद के गांव मे भीड़ बढ़ी QRF के 50 जवान जबलपुर से रवाना किए गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी प्रदेश के बेटे की शहादत को सलाम करने के लिए पहुंचे हुए हैं। प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री जीतू पटवारी भी देश के सपूत को अंतिम विदाई देने पहुंचे हैं।
सीआरपीएफ जवान अश्विनी को श्रद्धांजलि देने के लिए 25000 से अधिक लोग खुड़ावल गांव पहुंच चुके हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ भी सीआरपीएफ जवान अश्विनी को अंतिम विदाई देने पहुंचेंगे। सुबह से ही शहीद के घर के बाहर लोगों का तांता लगा है। पूरा गांव अपने बेटे को विदाई देने के लिए पहुंचा हुआ है। छोटे-छोटे बच्चे शहीद को सलामी देने के लिए तिरंगा लेकर बैठे हैं। परिवार के इस गम में पूरा गांव शामिल हैं। सब अश्विनी की शहादत को सलाम कर रहे हैं।
पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शनों के लिए बड़ी संख्या में लोग पुराना बस स्टैंड से लेकर मझौली बायपास तिराहे तक अपने हाथों में तिरंगा लेकर इंतजार कर रहे हैं। वहीं बड़ी संख्या में पुलिस के जवान अर्ध सैनिक बल अधिकारी भी मौके पर उपस्थित हैं। फिलहाल शूरवीर की शव यात्रा मझौली बायपास सिहोरा पहुंच चुकी है।
शहीदों के नाम से है गांव की पहचान
अंचल में वीर सपूतों की धरा कहे जाने वाले खुड़ावल गांव की धरती का एक लाल पहले शहीद हो चुका है। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में तैनात खुड़ावल का बेटा रामेश्वर पटेल कुछ साल पहले आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हुआ था। इसके अलावा इस गांव के पचास से ज्यादा युवा सेना में सेवा दे रहे हैं।

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