Friday, May 7th, 2021 Login Here
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राष्ट्र के शहीदों को समर्पित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सैनिकों ने हर तरह के खतरों से मुकाबला कर देशवासियों और देश को महफूज रखा है। अपनी शहादत देकर देश की रक्षा की है। हमारी सेना दुनिया की सबसे ताकतवर सेनाओं में से एक है।
2014 में इस स्मारक का कार्य शुरू किया
उन्होंने कहा कि कई दशकों से निरंतर राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की मांग हो रही थी, कुछ प्रयास हुए लेकिन कोई ठोस कार्य नहीं हुआ, आपके आर्शीवाद से हमने 2014 में इस स्मारक का कार्य शुरू किया और इस कार्य को तय समय पर पूरा किया। इस ऐतिहासिक स्थान पर मैं, पुलवामा में शहीद हुए वीर सपूतों, भारत की रक्षा में सर्वस्व न्योछावर करने वाले हर बलिदानी को नमन करता हूं। मैं राष्ट्र रक्षा के सभी मोर्चों पर, मुश्किल परिस्थितियों में डटे हर वीर-वीरांगना को भी नमन करता हूं।
सात दशक के बाद बना स्मारक
आज मुझे बहुत संतोष है कि थोड़ी देर बाद आपका और देश का, दशकों लंबा इंतज़ार खत्म होने वाला है। आज़ादी के सात दशक बाद मां भारती के लिए बलिदान देने वालों की याद में निर्मित राष्ट्रीय समर स्मारक, उन्हें समर्पित किया जाने वाला है।
जानें स्मारक में अन्य विशेषताएं
आर्टिफिशियल लाइटिंग और वॉकिंग प्लाजा।
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक परिसर में प्रवेश सभी के लिए निशुल्क है।
अपवाद रूप में मुख्य क्षेत्र और परम योदा स्टाल में समय की पाबंदी होगी। हर शाम रिट्रीट सेरेमनी भी होगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान इसका वादा किया था और 2015 में स्वीकृति दी थी।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इंडिया गेट के पास 40 एकड़ में बने इस युद्ध स्मारक की लागत 176 करोड़ रुपये आई है और यह रिकार्ड एक साल में बनकर पूरा हुआ है। इसकी 16 दीवारों पर 25,942 योद्धाओं का जिक्र किया गया है। ग्रेनाइट पत्थरों पर योद्धाओं के नाम, रैंक व रेजिमेंट का उल्लेख किया गया है।

Chania