Saturday, May 8th, 2021 Login Here
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    आयोग ने बताया- लोकसभा चुनाव में इस बार कुल 90 करोड़ मतदाता, इनमें 18-19 साल के 1.5 करोड़ नए मतदाता
    पिछली बार 9 लाख मतदान केंद्र थे, इस बार 10 लाख पोलिंग बूथ
    जम्मू-कश्मीर में लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव नहीं, वहां आयोग ने 3 पर्यवेक्षक नियुक्त किए

नई दिल्ली. लोकसभा चुनाव के लिए रविवार को तारीखों का ऐलान हो गया है। इस बार लोकसभा चुनाव 7 चरणों में होंगे। 11 अप्रैल, 18 अप्रैल, 23 अप्रैल, 29 अप्रैल, 6 मई, 12 मई और 19 मई को वोटिंग होगी। 23 मई को नतीजे आएंगे। तीन जून तक नई लोकसभा का गठन हो जाएगा। लोकसभा के साथ चार राज्यों आंध्र, ओडिशा, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होंगे। हालांकि, इन राज्यों में वोटिंग की तारीखों की स्थिति स्पष्ट नहीं है। जम्मू-कश्मीर में अभी विधानसभा चुनाव नहीं होंगे। वहां आयोग ने 3 पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं।


मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बताया कि इस बार लोकसभा चुनाव में कुल 90 करोड़ वोटर होंगे। इनमें 8.4 करोड़ नए मतदाता शामिल हैं। कुल वोटर में से 99.3 के पास वोटर आईडी है। 1.5 करोड़ वोटर 18-19 साल की उम्र के हैं। लोकसभा चुनाव के लिए आज से देशभर में आचार संहिता लागू हो गई है।

चुनाव आयुक्त ने बताया, पिछली बार 9 लाख मतदान केंद्र थे, इस बार 10 लाख पोलिंग बूथ होंगे। लोकसभा चुनाव के लिए हेल्पलाइन नंबर-1950 होगा। सभी चुनाव अधिकारियों की गाड़ी में जीपीएस होगा। मोबाइल पर ऐप के जरिए भी आयोग को आचार संहिता के उल्लंघन की जानकारी दी जा सकती है और 100 मिनट के भीतर हमारे अधिकारी को इस पर एक्शन लेना ही होगा। शिकायतकर्ता की निजता का ख्याल रखा जाएगा।

अरोड़ा ने बताया, अगर प्रत्याशी अगर फॉर्म 26 में सभी जानकारियां नहीं भरता तो उसका नामांकन रद्द हो जाएगा। साथ ही बिना पैनकार्ड वाले उम्मीदवारों का नामांकन रद्द होगा।

पहला फेज : 11 अप्रैल को वोटिंग
20 राज्यों की 91 सीटें:  आंध्र (25 सीटें), अरुणाचल-असम (5), बिहार (4), छत्तीसगढ़ (1) जम्मू-कश्मीर (2), महाराष्ट्र (7), मणिपुर (1), मेघालय (2), मिजोरम (1), नागालैंड (1), ओडिशा (4), सिक्किम (1), तेलंगाना (17), त्रिपुरा (1), उत्तरप्रदेश (8), उत्तराखंड (5), पश्चिम बंगाल (2), अंडमान निकोबार (1), लक्ष्यद्वीप (1)।

दूसरा फेज : 18 अप्रैल
13 राज्यों की 97 सीटें: असम (5 सीटें), बिहार (5), छत्तीसगढ़ (3), जम्मू-कश्मीर (2), कर्नाटक (14), महाराष्ट्र (10), मणिपुर (1), ओडिशा (5), तमिलनाडु (39), त्रिपुरा (1), उत्तर प्रदेश (8), प. बंगाल (3), पुड्डुचेरी (1)।

तीसरा फेज : 23 अप्रैल
14 राज्यों की 115 सीटें: असम (4 सीटें), बिहार (5), छत्तीसगढ़ (7), गुजरात (26), गोवा (2), जम्मू-कश्मीर (1), कर्नाटक (14), केरल (20), महाराष्ट्र (14), ओडिशा (6), उत्तर प्रदेश (10), प. बंगाल (5), दादरा-नागर हवेली (1), दमनदीव (1)।

चौथा फेज : 29 अप्रैल
9 राज्यों की 71 सीटें: बिहार (5 सीटें), जम्मू-कश्मीर (1), झारखंड (3), मध्य प्रदेश (6), महाराष्ट्र (17), ओडिशा (6), राजस्थान (13), उत्तर प्रदेश (13), प. बंगाल (8)।

पांचवां फेज : 6 मई
7 राज्यों की 51 सीटें: बिहार (5 सीटें), जम्मू-कश्मीर (2), झारखंड (4), मप्र (7), राजस्थान (12), उप्र (14), प. बंगाल (7)।

छठा फेज : 12 मई
7 राज्यों की 59 सीटें: बिहार (8 सीटें), हरियाणा (10), झारखंड (4), मप्र (8), उप्र (14), प. बंगाल (8), दिल्ली (7)

सातवां फेज : 19 मई
8 राज्यों की 59 सीटें: बिहार (8 सीटें), झारखंड (3), मप्र (8), पंजाब (13), प. बंगाल (9), चंडीगढ़ (1), उप्र (13), हिमाचल (4)
 
किन राज्यों में कितने चरण में होगी वोटिंग?
    एक चरण में: आंध्र, अरुणाचल, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल, केरल, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, पंजाब, सिक्किम, तेलंगाना, तमिलनाडु, उत्तराखंड, अंडमान-निकोबार, दादरा नगर हवेली, दमन एंड दीव, लक्षद्वीप, दिल्ली, पुडुचेरी, चंडीगढ़।
    दो चरण में : कर्नाटक, मणिपुर, राजस्थान, त्रिपुरा।
    तीन चरण में : असम, छत्तीसगढ़।
    चार चरण में : झारखंड, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा।
    पांच चरण में : जम्मू-कश्मीर
    सात चरण में : बिहार, उत्तर प्रदेश, प. बंगाल।
मोदी ने कहा- लोकतंत्र का उत्सव शुरू, फर्स्ट टाइम वोटर्स रिकॉर्ड वोटिंग करें
मोदी ने ट्वीट किया, ''लोकतंत्र का त्योहार चुनाव आ गए। मैं अपने साथी हिंदुस्तानियों से अपील करता हूं कि 2019 के लोकसभा चुनाव को अपनी सक्रिय सहभागिता से सफल बनाएं। मैं उम्मीद करता हूं कि ये चुनाव ऐतिहासिक नतीजे देंगे। मैं पहली बार वोट डालने वालों से रिकॉर्ड संख्या में मतदान की अपील करता हूं।''


लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। इस बार के चुनाव 7 चरण में होंगे। 11 अप्रैल को पहले चरण का मतदान होगा। 23 मई को परिणाम घोषित किए जाएंगे। तारीखों का ऐलान होते ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई। सत्तारुढ़ दलों के लिए चुनाव आचार संहिता लागू होने का बड़ा मतलब होता है।

क्योंकि इसके बाद कोई भी सरकार मतदाताओं को लुभाने वाली घोषणा नहींं कर सकती है। जानिए क्या होती है चुनाव आचार संहिता -
- चुनाव आचार संहिता चुनाव आयोग के बनाए वो नियम हैं, जिनका पालन हर पार्टी और हर उम्मीदवार के लिए जरूरी है। इनका उल्लंघन करने पर सख्त सजा हो सकती है। चुनाव लड़ने पर रोक लग सकती है। एफआईआर हो सकती है और उम्मीदवार को जेल जाना पड़ सकता है।

- चुनाव के दौरान कोई भी मंत्री सरकारी दौरे को चुनाव के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकता। सरकारी संसाधनों का किसी भी तरह चुनाव के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। यहां तक कि कोई भी सत्ताधारी नेता सरकारी वाहनों और भवनों का चुनाव के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकता।

- केंद्र सरकार हो या किसी भी प्रदेश की सरकार, न तो कोई घोषणा कर सकती है, न शिलान्यास, न लोकार्पण और ना ही भूमिपूजन। सरकारी खर्च से ऐसा आयोजन नहीं होता, जिससे किसी भी दल विशेष को लाभ पहुंचता हो। इस पर नजर रखने के लिए चुनाव आयोग पर्यवेक्षक नियुक्त करता है।

- उम्मीदवार और पार्टी को जुलूस निकालने या रैली और बैठक करने के लिए चुनाव आयोग से आर्डर लेना होता है और इसकी जानकारी निकटतम थाने में देनी होती है। सभा के स्थान व समय की पूर्व सूचना पुलिस अधिकारियों को देना होती है।

- कोई भी पार्टी या उम्मीदवार ऐसा काम नहीं कर सकती, जिससे जातियों और धार्मिक या भाषाई समुदायों के बीच मतभेद बढ़े या घृणा फैले।

- मत पाने के लिए रिश्वत देना, मतदाताओं को परेशान करना भारी पड़ सकता है। व्यक्ति टिप्पणियां करने पर भी चुनाव आयोग कार्रवाई कर सकता है।

- किसी की अनुमति के बिना उसकी दीवार या भूमि का उपयोग नहीं किया जा सकता। मतदान के दिन मतदान केंद्र से सौ मीटर के दायरे में चुनाव प्रचार पर रोक और मतदान से एक दिन पहले किसी भी बैठक पर रोक।

 मप्र / मध्य प्रदेश में चार चरणों में डाले जाएंगे वोट, आचार संहिता लागू

    मध्य प्रदेश में पहली बार चार चरणों में लोकसभा चुनाव
    2018 में एक ही दिन डाले गए थे 230 विधानसभा क्षेत्रों में वोट

भोपाल। चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है। मध्य प्रदेश में 29 अप्रैल से 19 मई के बीच चार चरण में मतदान होगा। 23 मई को मतगणना होगी। चुनाव की घोषणा होने के साथ ही आर्दश आचार संहिता लागू हो गई है।
कब कितनी सीटों पर होगा मतदान

    29 अप्रैल को 6 सीटों पर
    6 मई को 7 सीटों पर
    12 मई को 8 सीटों पर
    19 मई को 8 सीटों पर

कुल मतदाता: मध्य प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 5,14,02,020 है। इसमें 2,67,78,268 पुरुष, 2,46,22,329 महिला  और 1423 ट्रांसजेडर मतदाता हैं।

आचार संहिता लागू, अब क्या नहीं हो सकेगा

    सरकारें किसी भी तरह की घोषणा नहीं कर सकतीं। इनका उल्लंघन करने पर सख्त सजा हो सकती है। चुनाव लड़ने पर रोक लग सकती है। चुनाव के दौरान कोई भी मंत्री सरकारी दौरे को चुनाव के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकता।
    सरकारी संसाधनों का किसी भी तरह चुनाव के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। यहां तक कि कोई भी सत्ताधारी नेता सरकारी वाहनों और भवनों का चुनाव के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकता।
    केंद्र सरकार हो या किसी भी प्रदेश की सरकार, न तो कोई घोषणा कर सकती है, न शिलान्यास, न लोकार्पण और ना ही भूमिपूजन।
    कोई भी पार्टी या उम्मीदवार ऐसा काम नहीं कर सकती, जिससे जातियों और धार्मिक या भाषाई समुदायों के बीच मतभेद बढ़े या घृणा फैले।
    किसी की अनुमति के बिना उसकी दीवार या भूमि का उपयोग नहीं किया जा सकता। मतदान के दिन मतदान केंद्र से सौ मीटर के दायरे में चुनाव प्रचार पर रोक और मतदान से एक दिन पहले किसी भी बैठक पर रोक।

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