Friday, May 7th, 2021 Login Here
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मंदसौर । जिला एवं सत्र न्यायाधीश तारकेश्वर सिंह के द्वारा पत्नी की कुल्हाड़ी से हत्या करने वाले आरोपी पति रमेश गायरी निवासी माल्याखेड़ा को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और दो हजार रूपए जुर्माने से दंडित किया गया। इस प्रकरण में मृतका का बेटा और अन्य महत्वपूर्ण गवाह पक्षद्रोही हो गए थे। मृतका के हाथ में बाल थे। जिनसे आरोपी पति को उम्रकैद की सजा हुई।
अभियोजन मीडिया प्रभारी नितेश कृष्णन के बताया की गांव माल्याखेरखेडा निवासी रामकन्याबाई के द्वारा अपने पति रमेश पिता भंवरलाल गायरी को आपसी विवाद के चलते घर आने नहीं देती है और गावं में ही बने घर पर अपने पुत्र हेमंत के साथ रहती थी। 6 मार्च18 को रात के करीब 1 बजे आरोपी रमेश गायरी नाहरगढ अपने घर आया ओर दरवाज खटखटाया तो रामकन्याबाई ओर उसके पुत्र हेमंत की नींद खुल गई। रामकन्या ने घर का दरवाजा खोला गया तो रमेश गायरी घर में अंदर घुस गया और अंदर से दरवाजा लगा दिया ओर रामकन्याबाई को धक्का देकर नीचे गिरा दिया और घर में रखी कुल्हाड़ी से रामकन्याबाई की गर्दन पर कई बार वार किए।
 जिससे कन्याबाई की मौके पर ही मौत हो गई। रमेश गायरी के द्वारा उसके पुत्र हेमंत को घर से बाहर निकाल दिया ओर अपने दादा के घर जाने का बोलकर वह जंगल की तरफ चला गया । लडक़ा हेमंत काफ ी डर गया और घर के बाहर रो रहा था। उसकी आवाज सुनकर पड़ोसी सुगनबाई ने उसे रोने कारण पुछा वह काफ ी डरा हुआ था लडक़े हेमंत के कहने पर उसके दादा भवंरलाल के घर छोड़ दिया। वहां भी डर के कारण वह अपने दादा को कुछ नहीं बताया सुबह हिम्मत कर उसने अपने दादा को घटना के बारे में बताया। फिर उनके द्वारा पुलिस थाना नाहरगढ पर जा घटना बताई जिस पर से पुलिस थाना नाहरगढ के द्वारा घटना स्थल पर पहुंच कर मौके की कार्रवाई पूर्ण थाने पहुंचकर रमेश पिता भंवरलाल गायरी के विरूध्द धारा 302 भादवि का अपराध पंजीबध्द कर विवेचना पूर्ण अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
सभी गवाह हो गए थे पक्षद्रोही फिर डीएनए से हुई सजा  - प्रकरण में सभी चश्मदीद व महत्वपूर्ण गवाह पक्षद्रोही होकर अभियोजन का समर्थन नहीं किया था किंतु अपराध को प्रमाणित करने में मृत महिला के हाथों से मानव बाल जप्त किए गए थे। जिनका डीएनए परीक्षण कर मिलान आरोपी के डीएनए से करवाया गया जिससे प्रकरण में   जिला एवं सत्र न्यायाधीश  श्रीमान् तारकेश्वर सिंह सा0 मदंसौर के द्वारा ने दोषसिध्दि का निर्णय पारित करते हुए आरोपी रमेश पिता भंवरलाल गायरी निवासी माल्याखेरखेडा, नाहरगढ को पत्नी की हत्या करने का दोषी पाते हुए धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास एवं 2000 रूपये जुर्माने से दंडित किया गया। प्रकरण में अभियोजन का संचालन उप संचालक अभियोजन बापुसिंह ठाकुर के द्वारा किया गया।

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