Sunday, August 1st, 2021 Login Here
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महामारी के बीच फसलों की चिंता सता रहीं, पैदावार पर होगा असर
मंदसौर जनसारंगी
श्रावण माह और जुलाई का आधा महिने बित चुका है लेकिन अभी तक बारिश केवल 7 इंच हुई है जबकी पिछले इसी दिनांक दुगनी यानी साढ़े 12 इंच बारिश हो चूकी थी  ऐसे में  बारिश की खेंच ने किसानों को परेशानी में लाकर खड़ा कर दिया है। वहीं नागरिकों सहित प्रशासन के माथे पर चिंता के बादल मंडराने लगे है। अभी तक एक दो बार को छोडकर अच्छी बारिश नहीं हुई।   जिले का औसत बारिश का आंकड़ा 33.6 इंच है।
बारिश की खेंच से जिले किसानों के माथे पर चिंता की लकीर दिखाई दे रही है। इस बार जिले में तीन लाख 29 हजार हेक्टेयर में खरीफ की बोवनी हुई। इसमें सर्वाधिक 2.77 लाख भूमि पर सोयाबीन की बोवनी हुई। इसके साथ ही 20 हजार हेक्टेयर में मक्का एवं 10 हजार हेक्टेयर में उड़द की बोवनी हुई। शेष फसले लगभग 20 हजार हेक्टेयर में बोवनी हुई है। बारिश नही होने के कारण फसले मुरझाने लगी है। किसानों की माने तो अगर एक तीन रोज में बारिश नही हुई तो फसलों को नुकसान होने की संभावना है। जिले में सोयाबीन फसल अधिक रकबे में बोई गई है। बारिश की खेंच के चलते इसका असर पैदावार पर होगा। कई किसान आस-पास के जलस्त्रोंतो से फसलों को पानी दे रहे है। यहीं हाल शहर का भी है। कम बारिश के चलते किसानों ने उज्जैनी मनाने की योजना में भी लग गए है। मल्हारगढ़ तहसील के ग्राम खात्याखेड़ी के किसान निवास शर्मा ने बताया कि पानी नहीं गिरने से फसले सुखा रही है। जल स्त्रोतो से काम चलाना पड़ रहा है। एक दो रोज में पानी नहीं गिरा तो नुकसान उठाना पड़ेगा। वहीं आकोदड़ा के किसान अंबालाल पाटीदार ने बताया कि फसलों को पानी की सख्त जरूरत है। अगर बारिश नहीं होती है तो फसलों को नुकसान होगा। सोयाबीन पर ज्यादा फर्क पड़ेगा। कहीं दूसरी बार  बोवनी नहीं करनी पड़ जाए।
जिले में अब तक 7 इंच बारिश
इस बार जिले में अब तक कुल 7 इंच बारिश हुई है जबकि पिछले वर्ष वर्तमान तक 12 इंच से अधिक बारिश हो चुकी थी। विगत 1 जून से अबतक वर्षामापक केन्द्र मंदसौर में 8 इंच, सीतामउ में 7 इंच, सुवासरा में 5 इंच, गरोठ में 4 इंच, भानपुरा में 6इंच, मल्हारगढ में 8 इंच, धुधंडका में 9 इंच, शामगढ में 10 इंच, संजीत में 6 इंच एवं कयामपुर में 9 इंच वर्षा दर्ज की गई है। जबकि पिछले वर्ष वर्तमान तक जिले के मंदसौर में 18 इंच, सीतामउ में 12 इंच, सुवासरा में 9इंच, गरोठ में 16 इंच, भानपुरा में 8 इंच, मल्हारगढ में 12 इंच, धुधंडका में 16 इंच, शामगढ में 9 इंच, संजीत में 9 इंच एवं कयामपुर में 11 इंच बारिश हो चुकी थी। गांधीसागर बांध का जलस्तर 21 जुलाई को 1296.93 फीट दर्ज किया गया।
Chania