Friday, June 18th, 2021 Login Here
दो दिन में चार लोगों ने कर ली आत्महत्या/ एक ही दिन में तीन ने मौत को गले लगाया 200 वैक्सीन लगना थी लेकिन 100 ही लगी, ग्रामिणों ने किया हंगामा कलेक्टर ने किया मिनी गोवा यानी कंवला के हर संभव विकास का वादा आरक्षक की मानवता/ घायल को अस्पताल पहुंचाया और घटनास्थल से मिले दस हजार भी लोटाऐ राजाधिराज के पट खुलते ही आराध्य के दर्शन कर हर्षित हुए श्रृद्धालु कोरोना के सक्रिय संक्रमित 24 बचें लेकिन फिर मिला ब्लेक फंगस का संदिग्ध मरीज वैक्सीन लगवाने के बाद मंदसौर के राजाराम ने किया शरीर पर स्टील चिपकने का दावा धर्मातंरण की सूचना के बाद पुलिस और प्रशासन ने खंगाली जेल बारिश से पहले हर बार नोटिस लेकिन सालों से नपा सूची से नाम ही नहीं हट रहे नेहरू बस स्टेण्ड हुआ विरान, उत्कृष्ट स्कूल मैदान में हुआ बसों का बसेरा छोटी पुलिया पर खड़े युवकों से 50 ग्राम स्मैक बरामद चैकिंग में हाथ लगी वाहन चोरों की गैंग, दो आरोपियों से तीन बाईक बरामद आज से राजाधिराज के दरबार में श्रृद्धालुओं को प्रवेश खुले शॉपिंग मॉल, जिम और रेस्टोरेंट, 62 दिन बाद लौटी रौनक कोरोना में सैकड़ों लोगों को खोने के बाद भी हवा की कीमत समझ नहीं आ रही

मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश में 1 मई से वैक्सीनेशन का तीसरा चरण शुरू नहीं हो सकेगा। सीरम इंस्टीट्यूट ने सरकार से कहा है, 3 मई तक 2 से ढाई लाख डोज उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी। ऐसे में सरकार की तैयारी है कि यदि ढाई लाख डोज मिल जाते हैं, तो 5 मई से अभियान शुरू किया जा सकता है। सरकार ने सीरम को 45 लाख डोज सप्लाई करने का ऑर्डर दिया है। सरकार ने भारत बायोटेक से भी वैक्सीन सप्लाई के लिए बात की थी, लेकिन वहां भी फिलहाल सार्थक जवाब नहीं मिला है।

मंत्रालय सूत्रों ने बताया, मध्य प्रदेश में गुुरुवार को 1 मई को वैक्सीन लगवाने के लिए 18 से 45 साल तक के 19 हजार लोगों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया था, लेकिन सरकार को देर शाम सीरम इंस्टीट्यूट ने सूचना दी कि 5 दिन से पहले वैक्सीन उपलब्ध नहीं करा पाएंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्र सरकार के अफसरों से बात की। इसके बाद तय किया गया कि 1 मई से वैक्सीनेशन का तीसरे चरण की शुरुआत नहीं हो पाएगी। सरकार ने अब 5 मई से अभियान की शुरुआत करने का निर्णय लिया है, लेकिन यह भी तब, जब 3 मई तक ढाई लाख डोज की पहली खेप प्रदेश को मिल जाए।

सूत्रों ने बताया कि शिवराज सरकार को एक झटका और लगा है। केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को हेल्थ वर्कर्स, फ्रंट लाइन वर्कर्स और 45 साल से ज्यादा के लोगों के लिए उपलब्ध वैक्सीन का उपयोग 18 से 45 साल तक के लोगों के लिए इस्तेमाल की मंजूरी नहीं दी है। दरअसल, राज्य सरकार ने स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखकर यह अनुमति मांगी थी।

18+ के लोगों को राज्य अपने कोटे से वैक्सीन लगाए
मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव मनोहर अगनानी ने राज्य सरकार को पत्र भेजा है। इसमें कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 23 अप्रैल को हुई बैठक में वैक्सीनेशन को लेकर जो निर्णय हुआ था, राज्य सरकार को उसके अनुसार ही रोडमैप बनाना होगा। पत्र में कहा गया है कि केंद्र सररकार केवल हेल्थ व फ्रंट लाइन वर्कर्स और 45 साल से ज्यादा उम्र वाले शेष लोगों के लिए वैक्सीन उपलब्ध कराएगा।

केंद्र से मिलेंगे 2 लाख डोज
केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश को 2 लाख डोज की सप्लाई करने का आश्वासन दिया है, लेकिन यह डोज 18+ के लोगों को नहीं लगाए जाएंगे। इसके लिए राज्य सरकार को सीधे फार्मा कंपनी से वैक्सीन खरीदना होगी। बता दें कि मप्र के पास स्टॉक में 4 लाख डोज हैं।

50% में राज्य के साथ निजी अस्पताल भी शामिल
केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वैक्सीन की 50% सप्लाई केंद्र को होगी, जबकि 50% की सप्लाई राज्य सरकार और निजी अस्पतालों को कंपनियां करेंगी। यही वजह है कि शिवराज सरकार ने 1 मई से शुरू होने वाले वैक्सीनेशन के तीसरे चरण को 5 मई तक टाल दिया है।
Chania