Monday, February 26th, 2024 Login Here
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कलेक्टर ने कहा तीन दिन में नहीं आए तो लायसंस निरस्त करने की कार्रवाहीं
मंदसौर जनसारंगी।

एक तरफ मंदसौर जिले की तीन बिटियां जिन्होंने अभी-अभी एमबीबीएस की पढाई पूरी कर इंटर्नशीप पूरी की है अभी डाक्टरी की शुरूआत ही की है बावजूद इसके वे होसला दिखाकर कोविड सेंटर पर सेवाएं देने के लिए जा रहीं है वह भी बिना किसी सेवा शुल्क के लेकिन दूसरी तरफ मंदसौर जिले के एक दर्जन चिकित्सक आपदा में गायब हो गऐ जबकि डाक्टरों को धरती का भगवान कहा जाता है। लोग कोरोना महामारी से करार रहे है, महामारी का प्रकोप इतना है, बिमार होने वाले मरीजों की संख्या इतनी ज्यादा है कि स्वास्थ्य सेवाएं दम तोड़ रहीं है बावजूद इसके डाक्टर आराम फरमा रहे है।  किसी ने अपने बच्चें की सम्हाल, किसी ने पीजी की पढाई और किसी ने  स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का आवेदन दे दिया। जबकि अभी मरीजों की जान बचाने के लिए डाक्टरों और पेरामेडिकल स्टाॅफ की सबसे ज्यादा जरूरत है। ऐसे में कलेक्टर मनोज पुष्प ने 13 चिकित्सकों को नोटिस दिए और तीन दिन में अपने कर्तव्य पर उपस्थित होने के निर्देश दिए। ऐसा नहीं होने पर उनका लायसंस तक निरस्त करने की कार्रवाहीं की बात कहीं।
मंदसौर के जिला अस्पताल में पहले ही चिकित्सकों की कमी है ऐसे में करोना की आपदा जिसमें मरीजों की संख्या इतनी हो गई है कि अस्पताल में बेड कम पढ़ रहे है, मरीजों को जमीन पर लिटाकर उपचार करना पड़ रहा है। इन मरीजों की सेवा मंे कई चिकित्सक तो दिन-रात जूटे है वे अपना घर और परिवार तक भूल गऐ और लगातार मरीजों की जान बचाने की कोशिश में ही जूटे हुए है। लेकिन वहीं दूसरी तरफ अस्प्ताल में पदस्थ 13 डाक्टर लंबे समय से अपने कर्तव्य को छोडकर गायब हो गऐ। जबकी एमबीबीएस की पढाई पूरी करने के साथ ही उन्होंने मानवता की सेवा करने का संकल्प लिया था लेकिन डिग्री के बाद मेवे के लिए सेवा को भूल गऐ । लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग भी इन्हें भूल गया था लेकिन अब जब करोना लगातार अपना प्रकोप दिखा रहा है । हर दिन दौ सौ से ढाई सौ मरीज अस्पतालों में पहुंच रहे है ऐसे में डाक्टरों और पैरामेडिकल स्टाॅफ की सबसे ज्यादा जरूरत पढ रहीं है इसी के चलते जब जानकारी जिला प्रशासन के मुखिया कलेक्टर मनोज पुष्प के पास पहुंची तो उन्होंने 13 चिकित्सकों को नोटिस  दिए।
कलेक्टर ने डॉ. प्रिया वर्मा, डॉ. राजेश वास्केल, डॉ. विशाल बाल्मीकि, डॉ. शैलेंद्र पाटीदार, डॉ. नवीन गुप्ता, डॉ. अंकुर जैन, दीपक अग्रवाल डॉ. विशाल गौड़, डॉ. अर्पित पोरवाल, डॉ. कपिल देव शर्मा, डॉ. सौरभ मंडवारिया, डॉ. अतुल जैन, डॉ. एंजलीना भाटी को नोटिस दिया और कहा कि ये सभी डॉक्टर्स बहुत लंबी अवधि से अपने कर्तव्यस्थल से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित हैं। इनके अनुपस्थित रहने के कारण आम जन को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध नहीं होकर अप्रिय स्थिति निर्मित हो रही हैं।वर्तमान में आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के अन्तर्गत कोरोना वायरस संक्रमण को वैश्विक महामारी घोषित किया गया हैं, मन्दसौर जिले में लोक स्वास्थ्य एवं लोकहित में नोवेल कोराना वायरस  व उससे जनित बीमारी के संभावित खतरे की रोकथाम एवं बचाव करने के उद्देश्य से इन सभी डॉक्टर्स को निर्देशित किया गया हैं, कि सभी तत्काल अपने पदस्थापना स्थल पर उपस्थित होकर चिकित्सकीय कार्य सम्पादित करें।
एस्मा के तहत होगी कार्यवाहीं
नोटिस में साफ कहा गया कि आगामी 03 दिवस में डाक्टर अपने कर्तव्यस्थल पर उपस्थित नहीं होने की स्थिति में वर्तमान प्रभावशील भारतीय दण्ड संहिता 1973 की धारा 188 एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51-60 के अंतर्गत व महामारी रोग अधिनियम 1987 के तहत एवं मध्य प्रदेश शासन गृह विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के आदेश से प्रदेश में एस्मा प्रभावशील हो गया है। प्रभावशील होने से चिकित्सकीय पंजीयन रद्द करने की कार्यवाही के साथ ही वर्तमान में प्रभावशील सुसंगत नियमों के तहत विधिक कार्यवाही संस्थीत कर इनके विरूद्व प्रकरण पंजीबद्ध किया जावेगा। इसके लिए ये सभी स्वयं जिम्मेदार रहेंगे।
स्टाॅफ नर्स की भी प्रतिक्षा सूची जारी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ के.एल. राठौर ने स्टाॅफ नर्स की प्रतिक्षा सूची भी मंगलवार को जारी कर दी। जिसमें उन्होंने कहा कि कोविड-19 की रोकथाम हेतु प्रतिक्षा सूची से स्टाॅफ नर्स के आदेश जारी किए है लेकिन इनके कर्तव्य स्थल पर उपस्थित नहीं होने की स्थिति में दूसरी सूची जारी की गई है। 225 अभ्यर्थियों की इस सूची में से 35 पदों को भरा जाना है इसके लिए इन्हें 4 मई को ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी थी । इनके भी अनुपस्थित रहने की स्थिति में 5 मई को नऐ अभ्यर्थियांे को अवसर दिया जाऐगा।
विधायक ने कहा डाक्टर दो महिने संवेदना का परिचय दे
डाक्टरों की अनुपस्थिति पर कलेक्टर द्वारा दिए गये नोटिस को लेकर विधायक यशपालसिंह सिसोदिया ने ट्वीट किया और कहा कि प्रदेश के शासकीय चिकित्सकगण जो चाइल्ड केयर, पीजी की पढाई, स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति को लेकर कोरोना दौर में अपनी सेवाऐ नहीं दे रहें है उनसे आग्रह है कि आगामी दो माह संवेदना का परिचय देकर सेवाऐ। कलेक्टर मंदसौर ने 13 चिकित्सकों को नोटिस जारी किए । यह नौबत ही नहीं आनी चाहिए थी।

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