Friday, June 18th, 2021 Login Here
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रतलाम कलेक्टर डाड को हटाया गया, पुरूषोत्तम होंगें नऐ प्रशासनिक मुखिया
रतलाम/मंदसौर जनसारंगी।

राज्य सरकार ने दमोह, रतलाम और गुना के कलेक्टरों को बदल दिया है। गुना के कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम को रतलाम जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है जबकि रतलाम कलेक्टर गोपाल चंद्र डांड को मंत्रालय में अपर सचिव बनाया गया है। उप चुनाव होने के बाद कलेक्टर तरुण राठी को हटाकर मंत्रालय में उप सचिव पदस्थ किया गया है।
दरअसल रतलाम कलेक्टर गोपाल चंद्र डाड के तबादले के बाद बताया जा रह है कि इसके पीछे जावरा विधायक राजेन्द्र पाण्डेय की नाराजगी और इसके बाद मंदसौर के हिस्सें की आॅक्सीजन को रोकने को लेकर मंदसौर के वरिष्ठ विधायक यशपालसिंह सिसोदिया द्वारा राज्य के सीएम शिवराजसिंह चैहान  और मुख्यसचिव इकबाल सिंह बेस को की गई शिकायत बताया जा रहा है। इसके बाद से ही मंत्रालय में कलेक्टर के तबादले की तैयारी शुरू हो गई थी।
बताया जाता है कि कोरोनाकाल में लगातार व्यवस्थाओं को सुधारने का प्रयास कर रहे जावरा विधायक डॉ राजेन्द्र पांडेय की गत दिनों एक बैठक के दौरान कलेक्टर गोपालचन्द्र डाड़ से  अनबन हुई थी यह बैठक काोविड़ के लिए प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा की उपस्थिति में आयोजित थी जिसमें विधायक डॉ पांडेय ने जावरा हॉस्पिटल में कोविड़ सेंटर शुरू करने की बात कही थी लेकिन कलेक्टर ने आनाकानी कर दी थी इसकों लेकर उन्होंने बैठक में ही नाराजगी व्यक्त कर दी थी। बैठक में मंत्री देवडा ने स्थिति को संभालने की कोशिश की थी और जावरा में कोविड सेंटर शुरू करा दिया था। जावरा विधायक और कलेक्टर के बीच सबकुछ ठीक नहीं चलतने का पता इससे भी चलता है कि कलेक्टर की नाराजगी के बाद भी जावरा में डेढ महिने से कोविड सेंटर तो शुरू हो गया लेकिन कलेक्टर डाड ने एक बार भी इसका अवलोकन नहीं किया था। 5 मई को मुख्यमंत्री श्री चैहान ने विधायक डॉ पांडेय से वर्तमान परिस्थितियों के बारे में लम्बी चर्चा की।जिसमे डॉ पांडेय ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि रतलाम में बेड नही देने पर एक अभिभाषक की सड़क पर मौत हो गयी।इस बात पर मुख्यमंत्री भी खासे नाराज हुए।
इससे पहले मंदसौर विधायक यशपालसिंह सिसोदिया के प्रयासों से मंदसौर-नीमच और रतलाम के लिए राज्य सभा सांसद श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आॅक्सीजन उपलब्ध कराई थी। यह आॅक्सीजन रतलाम होकर मंदसौर पहुंचनी थी जिसमें हर दिन मंदसौर और नीमच को तीन-तीन टन आॅक्सीजन मिलना था लेकिन पहले ही दिन रतलाम प्रशासन ने मंदसौर को पहले रतलाम से भेजी गई आॅक्सीजन का हवाला देते हुए मंदसौर के हिस्सें की आॅक्सीजन को रोक दिया था जबकि मंदसौर की इसकी सख्त आवश्यकता थी। इसकों लेकर विधायक यशपालसिंह सिसोदिया ने सीएम श्री चैहान और मुख्य सचिव इकबालसिंह बेस के समक्ष कड़ी नाराजगी व्यक्त की थी इसके बाद मंदसौर आने वाली आॅक्सीजन को नागदा से सीधे मंदसौर भेजने की व्यवस्था की गई और यह व्यवस्था सुचारू चलने भी लगी है लेकिन विधायक श्री सिसोदिया ने कार्रवाहीं की भी मांग की थी। ऐसे मंे पहले रतलाम जिले के जावरा विधायक से पंगा और बाद में मंदसौर जिले के हिस्सें की आॅक्सीजन को रोकने के बाद वरिष्ठ विधायक यशपालसिंह सिसोदिया द्वारा व्यक्त की गई नाराजगी के बाद कलेक्टर का हटना तय हो गया था ओर उसके बाद रतलाम में उपचार के अभाव में अभिभाषक की मौत होने को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया और तत्काल कलेक्टर को हटा दिया गया।
उधर नए कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम एक अच्छे नोकरशाह माने जाते है।वे म.प्र. ओद्योगिक विकास निगम इंदौर में महाप्रबंधक थे,तब विधायक डॉ पांडेय उन्हें रतलाम जिलाधीश लाना चाहते थे,लेकिन मुख्यमंत्री की खास पसन्द में गिने जाने वाले पुरुषोत्तम को गुना जिले की कमान दे दी थी।लेकिन मुख्यमंत्री ने इस बार विकट परिस्थितियों से जूझ रहे रतलाम की कमान पुरुषोत्तम को देने में जरा भी विलम्ब नही किया।

Chania