Friday, June 18th, 2021 Login Here
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कहा मंदसौर में बेड़ और स्वास्थ्य सुविधाऐं नहीं फिर भी जो सुविधा है उसे क्यों छीन रहे
मंदसौर जनसारंगी।

कोरोना के बढ़ते प्रकोप के चलते एक तरफ जहां स्वास्थ्य सुविधाएं कम पड रहीं है वहीं दूसरी तरफ बिना डिग्री धारी चिकित्सक भी कई मरीजों की दिक्कते बढ़ा रहे है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश लोग बिना डिग्री धारी चिकित्सकों से ही उपचार करवा रहे है ऐसे में तीन-चार दिन का समय निकल रहा है और मरीज गंभीर स्थिति में पहुंच कर जिला अस्प्ताल आ रहा है ऐसे में यहां के चिकित्सक मरीज की जान बचाने में कामयाब नहीं हो पा रहे है। इसी के चलते प्रशासन लगातार बिना डिग्री धारी चिकित्सकों के उपचार पर लगाम लगाने के चलते बिते दिनों दलौदा में विनय दीप हाॅस्पिटल को सील किया गया था लेकिन वहां दोबारा से मरीजों का उपचार शुरू हो गया ऐसे में रविवार को जब फिर से पुलिस और प्रशासन की टीम कार्रवाहीं के लिए पहुंची तो जनता ही हाॅस्पिटल के बचाव में उतर आई । ऐसे में अबकी बार हाॅस्पिटल को सील नहीं किया गया बल्कि दस्तावेज जप्त किए गये है।
जानकारी के मुताबिक डाॅ सुरेन्द्र जैन के विनय दीप के क्लिनिक पर मरीजों का उपचार किया जा रहा है। बिते दिनों इसी सूचना के आधार पर प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची थी जहां टीम को अस्पताल में मरीज भी मिले थे और ऐसे मरीज भी थे जिन्हें आॅक्सीजन लगा रखी थी। अस्पताल में एमबीबीएस डाॅक्टर के लेटर हेड भी टीम को मिले थे लेकिन मौके पर कोई भी एमबीबीएस डाक्टर मौजूद नहीं था। जिसके चलते प्रशासन ने वहां भर्ती मरीजों को बड़े अस्पताल भिजवाकर अस्पताल को सील कर दिया था। लेकिन अस्पताल की सील खुलने के बाद से ही संचालक ने एक बार फिर से मरीजों का उपचार शुरू कर दिया। हर दिन सैकडों मरीजों का यहां उपचार हो रहा था। इसी सूचना के बाद रविवार को एक बार फिर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची इस दौरान डाॅ सुरेन्द्र जैन मरीजों का उपचार कर रहे थे। टीम ने एक बार फिर से अस्पताल को सील करने की कार्रवाहीं करनी चाहीं लेकिन इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने ही कार्रवाहीं का विरोध कर दिया। उनका कहना था कि मंदसौर के अस्पतालों में बेड खाली नहीं है, जनता को स्वास्थ्य सुविधाऐ मिल नहीं रहीं है ऐसे मंे यदि दलौदा में मरीजों का उपचार हो रहा है तो उसे क्यों बंद किया जा रहा है। दलौदा में भी सरकारी सुविधाऐ शुरू की गई लेकिन उनका ताला भी अभी तक नहीं खुला है। इस दौरान मरीजों ने यह भी कहा कि उनकी तबियत खराब होने के बाद घंटो मंदसौर में परेशान हुए लेकिन वहां इलाज करने वाला कोई नहीं मिला, वहां उपचार की कोई व्यवस्था नहीं है, मरीजों का हाथ भी नहीं लगाया जा रहा है। लेकिन दलौदा में डाॅ जैन उनका उपचार कर रहे ऐसे में यहां कार्रवाहीं क्योें की जा रहीं है। हालांकि इस दौरान टीम ने जनता को समझाने की कोशिश भी की कि कोरोना के लक्षण दिखने पर तत्काल उपचार की आवश्यकता होती है, इसमें यदि तीन-चार दिन की देरी हो जाती है तो स्थिति गंभीर हो जाती है। लेकिन वहां मौजूद लोग समझने को तैयार नहीं हुए। उनका कहना था कि अधिकांश मरीजों को समुचित उपचार की सुविधा मिल रहीं है इसे ना छीना जाऐ।
विरोध के चलते सील किए गये क्लिनिक को फिर से खोल दिया गया। इस दौरान टीम ने यहां कागजाद जप्त किए। बताया जाता है कि यहां डाॅ सुरेन्द्र जैन उपचार करते है लेकिन एमबीबीएस डाॅ ललिता जैन का भी नाम है हालांकि यहां एमबीबीएस डाक्टर उपलब्ध नहीं थे। लेकिन कार्रवाहीं के चलते ही डाॅ जैन वहां पहुंच गई और उन्होंने टीम को बताया कि मरीजों का उपचार उनकी देखरेख में ही किया जा रहा है।
इनका कहना
दलौदा के विनय दीप क्लिनिक पर आरएमपी डाॅ सुरेन्द्र जैन कोरोना मरीजों का उपचार कर रहे है। बोर्ड पर एमबीबीएस डाॅ ललिता जैन का नाम था लेकिन वे वहां मौजूद नहीं थें इसलिए अस्पताल सील किया गया था लेकिन कार्रवाहीं के दौरान ही डाॅ जैन यहां पहुंची और उन्होंने बताया कि प्रतिदिन उनकी देखरेख में ही उपचार किया जा रहा हैं। इसके बाद अस्पताल को खोल दिया है और इसकी जांच की जा रहीं है। इस दौरान मरीजों का विरोध भी सामने आया है क्योंकि कोरोना के कारण मंदसौर के सारे अस्पतालों में जगह नहीं है यहीं ग्रामीणों का कहना था उनकी बात को भी हमने सुना है और कार्रवाहीं को रोक दिया है।
संजय मालवीय तहसीलदार

Chania