Monday, February 26th, 2024 Login Here
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मंदसौर जनसारंगी।
मंदसौर जिले में 17 दिनों के अनलाॅक के दौरान संक्रमण की रफ्तार पूरी तरह से काबू हो रहीं है। अब कोरोना के सक्रिय संक्रमित मरीजों की संख्या केवल 24 ही बची है, तेजी से मरीज स्वस्थ होकर घर लौट रहे है तथा नऐ मरीजों में भी कमी आ गई है, लेकिन अभी ब्लेक फंगस पूरी तरह से काबू नहीं हुआ है, गुरूवार को भी पोस्ट कोविड ओपीडी में ब्लेक फंगस का एक संदिग्ध मरीज मिला है जिसे उपचार के लिए इंदौर भेजा गया।
गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण की वजह से अप्रैल और मई के महीने में मंदसौर जिला अस्पताल से लेकर सभी शासकीय कोविड सेंटर और निजी कोविड सेंटर में बेड पूरी तरह से भर चूके थे, हालत यह थी कि रतलाम मेडिकल कॉलेज के सभी बेड फुल हो चुके थे। जिले में प्रतिदिन 200-300 कोरोना पाॅजीटिव मरीज सामने आ रहे थे। लेकिन अब मंदसौर अस्पताल से लेकर रतलाम मेडिकल कॉलेज से राहत भरी खबर सामने आ रही है। बुधवार को जहां मंदसौर जिले में केवल 2 कोरोना संक्रमित मरीज मिला है। वही 2 संक्रमित मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए हैं। इसके बाद जिला अस्पताल समेत सभी कोविड सेंटर पूरी तरह से खाली होने की स्थिति में है। 550 बेड की क्षमता वाले रतलाम मेडिकल कॉलेज में केवल 37 कोरोना मरीज शेष रह गए हैं जबकि मंदसौर में अब केवल 24 सक्रिय संक्रमित मरीज है। यह राहत भरी खबर है लेकिन गुरूवार को लाभ मुनि नैत्र चिकित्सालय में चल रहीं पोस्ट कोविड ओपीडी में 8 मरीजों का परीक्षण किया गया जिसमें एक मरीज ब्लेक फंगस का संदिग्ध मिला जिसे तत्काल इंदौर मेडिकल काॅलेज उपचार के लिए भेजा गया।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि पोस्ट कोविड ओपीडी में नाक, कान, गला का एक, नेत्र का एक मेडिकल का चार समेत कुल आठ मरीजों की जांच डाॅ विक्रम अग्रवाल, डाॅ प्रदीप पाटीदार, डाॅ अशोक सौलंकी ने की इस दौरान एक मरीज में ब्लेक फंगस के लक्षण पाऐ गये।
उल्लेखनिय है कि मंदसौर जिले में अभी तक 23 मरीज ब्लेक फंगस के मिल चूके है इसमें एक संदिग्ध सहित पांच लोगों की मौत हो चूकी है। हालांकि अब कोरोना संक्रमण थम रहा है और कोविड के सक्रिय मरीजों की संख्या भी कम बची है ऐसे में उम्मीद की जा रहीं है कि अब ब्लेक फंगस भी पूरी तरह से थम जाऐगा।
एक दिन में 52 सौ से ज्यादा लोगों को टीका
मंदसौर जिले में पिछले करीब आठ दिनों से कोरोना टीकाकरण के लिए लोगों को परेशानी हो रहीं है। वैक्सीन नहीं आने से हर दिन टीके लग नहीं पा रहे है और आ रहे है तो एक ही दिन में सारे टीके लग जाते है। आलम यह है कि गुरूवार को एक ही दिन में 5268 लोगों को टीका लग गया हालांकि लक्ष्य 5740 का था।
गुरूवार को मंदसौर शहर से लेकर ग्रामीण अचंल तक टीकाकरण किया गया लेकिन निरन्तर टीकाकरण नहीं होने के कारण लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 6 जून से युवाओं का टीकाकरण शुरू हुआ है लेकिन अभी तक 8 प्रतिशत युवा ही इससे लाभांवित हो पाऐ है। जबकी जनवरी से चल रहे टीकाकरण अभियान में 45 प्लस और 60 प्लस मिलाकर कुल 28 प्रतिशत आबादी लाभांवित हो पाई है। टीके की कमी के कारण पिछले आठ दिनों से लगातार नियमित टीकाकरण नहीं हो पा रहा है। कभी दूसरा डोज लगाया जा रहा है तो कभी वैक्सीन की उपलब्धता के अनुसार एक दो सेंटरों पर वैक्सीनेशन किया जा रहा है। लेकिन अधिकांश सेंटरों पर वैक्सीनेशन नहीं किया जा रहा है।

Chania