Friday, March 1st, 2024 Login Here
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नई दिल्‍ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक प्रेस वार्ता की। उन्‍होंने कहा कि1600 हाउसिंग प्रोजेक्ट अधूर पड़े हैं। करीब 4.58 लाख हाउसिंग यूनिट बंद पड़ी है। कई घर खरीदरों ने सरकार से संपर्क किया है। सरकार ने इन अधूरे पड़े प्रोजेक्ट के लिए 10 हजार करोड़ रुपए का फंड जारी किया है। जो प्रोजेक्ट 50 फीसदी या इससे अधिक पूरे होने के बाद अटक गए हैं, उन्हें इस फंड के तहत सहायता राशि दी जाएगी।
वित्त मंत्री ने बताया कि कुल मिलाकर 25 हजार करोड़ का फंड रहेगा, जिसमें से 10 हजार करोड़ सरकार देने जा रही है। इसमें बड़ा हिस्सा एसबीआई और एलआईजी हाउसिंग का है। माना जा रहा है कि इससे साढ़े तीन करोड़ उन लोगों को फायदा होगा, जिसके घर का सपना अब तक साकार नहीं हो सका है।
सरकार ने इस मुद्दे पर बैंकों के साथ कई स्तर की बातचीत की है और राहत देने वाली यह घोषणा की जा रही है। इससे जिन प्रोजेक्ट्स को फायदा मिलेगा, उनमें से अधिकांंश मध्यमवर्गीय परिवारों से जुड़े हैं। सरकार ने इसे 'स्पेशल विंडो' प्रोजेक्ट नाम दिया है। यह फंड सेबी के साथ रजिस्टर्ड कैटेगरी-2 अल्टरनेट इनवेस्टमेंट (AIfs) फंड के तहत प्रदान किया गया है।
वित्त मंत्री ने बताया कि यह फंड एक अकाउंट में जमा किया जाएगा और फिर अधूरे पड़े प्रॉजेक्ट को मदद की जााएगी। शुरू में यह अकाउंट एसबीआई के पास होगा। सरकार के अनुसार बहुत सारे प्रोजेक्ट RERA में अधूर पड़े हैं। उनको भी मदद की जाएगी। हालांकि उनका नंबर बाद में आएगा। सरकार की योजना है कि यदि कोई प्रोजेक्ट 30 फीसदी पर ही अधूरा रह गया है तो जब तक वह पूरा नहीं हो जाता, उसे मदद दी जाएगी।'
Chania