Friday, March 1st, 2024 Login Here
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नई दिल्ली । देश में कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को दूसरी बार सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की। मोदी ने मुख्यमंत्रियों से कहा- कोरोना को हराने के लिए सभी मत और विचारधारा के लोगों का एकजुट होना जरूरी है। अपनी आस्था और पंथ को बचाने के लिए भी पहले कोरोना को हराना होगा, सभी धर्मगुरुओं को यह समझाएं। राज्य स्तर पर समाज के लोग, धर्मगुरू बैठक करें और लोगों को इस लड़ाई में भागीदार बनने के लिए समझाएं। राज्य, जिला, शहर, ब्लॉक और थाना स्तर पर धर्मगुरुओं की यह बैठक तत्काल होनी चाहिए।
मोदी ने कहा- कोरोनावायरस के खिलाफ युध्द अभी शुरु ही हुआ है। कोरोनावायरस ने हमारी आस्था, विश्वास, विचारधारा पर भी हमला बोला है। इसलिए हमें अपनी आस्था, पंथ, विचारधारा को बचाने के लिए कोरोनावायरस को परास्त करना पड़ेगा। आज आवश्यकता है कि सभी विचारधारा, समुदाय के लोग एकजुट होकर कोरोना को पराजित करें। मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में केंद्र और राज्यों द्वारा अब तक उठाए गए कदमों और कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए नई रणनीतियों पर भी बात की। इस दौरान गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी भी मौजूद रहे।
मोदी ने राज्यों से जिला स्तर पर क्राइसिस मैनेजमेंट पर काम करने को कहा। उन्होंने कहा- अब हमारा फोकस टेस्टिंग और क्वारैंटाइन सुविधाओं पर होना चाहिए। उन्होंने राज्यों को हेल्थ केयर ह्यूमन रिसोर्स में बढ़ोतरी करने और फ्रंट लाइन हेल्थ वर्कर्स को ऑनलाइन ट­ेनिंग दिलाने की सलाह दी। वहीं, रिटायर्ड हेल्थ वर्कर्स, एनएसएस, एनसीसी, सामाजिक कार्यकर्ताओं को शामिल कर फोर्स बनाने के लिए कहा। मोदी ने कहा कि ये लोग सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन कराने में मदद करेंगे।  मोदी ने कहा कि वीडियो कॉनफ्रेंसिंग के जरिए हम अलग-अलग जगह से बात कर रहे हैं, लेकिन सामूहिकता ही हमारी मजबूती होनी चाहिए। सभी को एक सैनिक की तरह अलर्ट होकर इस महामारी से लड़ना चाहिए। जिस तरह से केस सामने आ रहे हैं, उससे यह पता चलता है कि हमारी लड़ाई अभी शुरू हुई है। पूरी दुनिया ने ऐसी महामारी कभी नहीं देखी। शांति, एकता और कानून व्यवस्था बनाए रखना चाहिए। मोदी ने कहा कि संक्रमण चेन को को तोड़ना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। 29 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेडियो पर मन की बात कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित किया था। उन्होंने कहा था कि हमें कुछ ऐसे फैसले लेने पड़े, जिनसे गरीबों को परेशानी हुई। सभी लोगों से क्षमा मांगता हूं। मैं आपकी परेशानी को समझता हूं, लेकिन इसके सिवाय कोई चारा नहीं था। मुझे आपके परिवार को सुरक्षित रखना है। 24 मार्च को मोदी ने देश के नाम संबोधन में 21 दिन (14 अप्रैल) तक पूरे देश में लॉकडाउन का ऐलान किया था। इससे पहले, मोदी ने 20 मार्च को भी सभी राज्यों से कोरोना से निपटने की तैयारियों पर चर्चा की थी ।

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