Sunday, March 3rd, 2024 Login Here
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बिहार में मरने वालों को 4 लाख का मुआवजा,मप्र में व्यवस्था नही ,सांसद, विधायक करेंगे सीएम से बात

सोश्यल मीडिया पर वायरल खबर की दैनिक जनसारंगी द्वारा पड़ताल


मंदसौर जनसारंगी। लोकेश पालीवाल

कोरोना महामारी पूरे विश्व में है जिसका भारत में भी व्यापक असर है। मंदसौर जिले में भी लगातार कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है लगातार मौते भी हो रहीं हैं।अभी तक 18 मौते जिले में हो चूकी है, प्रशासनिक पुष्टि भी 11 मौतों की हो चूकी है इसमें से कई मृतकों के आर्थिक हालात भी बहुत ज्यादा अच्छे नहीं है बावजूद इसके केन्द्र या मप्र सरकार की और से मृतकों को अभी तक कोई आर्थिक सहायता का प्रावधान नहीं किया है जबकी बिहार में वहां की राज्य सरकार ने मृतक के परिवार  को 4 लाख की सहायता का प्रावधान किया है लेकिन यह बात अलग है कि वहां भी जागरूकता के अभाव में लोग फायदा नहीं ले पा रहे है। लेकिन ऐसी ही योजना की दरकार मप्र को भी है जहां आर्थिक रूप से कमजोर और कोरोना का काल बने लोगों के परिवारों को मदद दी जानी चाहिये।

बिहार के मुंगेर मेंएक 27 जुलाई को एक राष्ट­ीय समाचार पत्र में कोरोना से मौत पर 4 लाख मुआवजे का प्रावधान जानकारी के अभाव में नहीं आया एक भी आवेदन शीर्षक से समाचार प्रकाशित हुआ था जो मंदसौर जिले में भी पिछले एक हफ्ते से सौश्यल मिडिया पर वायरल हो रहा है। लोग इसको लेकर भ्रम में भी है क्योंकि मंदसौर जिले में अधिकारिक रूप से 11 लोगों की मौत हो चूकी है लेकिन किसी को भी आर्थिक सहायता नहीं दी गई है और ना ही इस आश्य की कोई जानकारी सार्वजनिक हुई है ऐसे में यह आर्थिक सहायता किस तरह मिल सकती है इसकों लेकर लोग जानकारी भी चाहते है। लगातार वायरल हो रहीं खबर पर दैनिक जनसारंगी ने पड़ताल करने की कोशिश की, शासन के प्रतिनिधी विधायक यशपालसिंह सिसोदिया और प्रशासन के मुखिया कलेक्टर मनोज पुष्प से इस सम्बन्ध मेंचर्चा की तो साफ हुआ कि भारत सरकार और मप्र सरकार की और से अभी तक कोरोना से मौत पर कोई भी आर्थिक सहायता का प्रावधान नहीं है इसी के चलते मंदसौर, नीमच और रतलाम जिले में भी अभी तक किसी को भी आर्थिक सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई।

दैनिक जनसारंगी की पड़ताल में तो यह स्पष्ट हो गया कि यह केवल बिहार राज्य में योजना है जहां आपदा प्रबंधन विभाग प्रशासन के माध्यम से तत्काल कोरोना से मृतक के परिवार को 4 लाख रूपऐ की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराता है। आवेदन करने के 24 घंटे में ही यह सहायता राशि मृतक के परिवार को मिल जाती है, यह बात अलग है कि बिहार के मुंगेर मेंप्रकाशित समाचार के अनुसार 27 जुलाई तक 9 लोगों की मौत हो चूकी थी लेकिन इसमें से जागरूकता के अभाव में केवल एक ही आवेदन सहायता के लिये आया था जिसे सहायता दी गई थी। लेकिन अब सवाल है कि बिहार राज्य में इस तरह की व्यवस्था है तो मध्यप्रदेश में क्यों नहीं? हालांकि राज्य सरकार अपने संसाधनों और वित्तिय परिस्थितियों के अनुसार योजनाएं बनाती है इसी के चलते मप्र में इस तरह की योजना अभी तक नहीं बन पाई है लेकिन कोरोना वैश्विक महामारी है जिसका भारत में भी व्यापक असर है। मध्यप्रदेश देश में कोरोना की वृद्वि दर में 16 वे स्थान पर है । कोरोना संक्रमण रोकने के लिये भारत सरकार द्वारा लागू किये गये लॉक डाउन के कारण पूरे ढाई महिने तक प्रदेश के साथ ही मंदसौर, रतलाम और नीमच जिले में लॉक डाउन रहा जिसके कारण यहां भी लोगों के आर्थिक हालात काफी खराब हो चूके है उसमें भी जिन परिवारों ने कोरोना के कहर को झेला है और इसमें किसी अपने को खो दिया है उनकी स्थिति और ज्यादा चिंताजनक है। मंदसौर में अभी तक 18 मौते हो चूकी है लेकिन अधिकारिक रूप से 11 लोगों की ही पुष्टि हो पा रहीं है ऐसा इसलिये भी क्योंकि बाकी मृतकों की कोरोना जांच मंदसौर से बाहर हुई और मौत भी मंदसौर बाहर इंदौर अथवा राजस्थान के उदयपुर में हुई है इसलिये मंदसौर प्रशासन की गिनती में अभी तक यह संख्या दर्ज नहीं हो पाई है लेकिन इन 18 लोगों में अधिकांश गरीब लोग है और कुछ तो ऐसे भी है जिनके परिवार का मुखिया ही कोरोना के कॉल का शिकार बन गया है जिसके कारण पूरे परिवार पर आर्थिक संकट भी आ खड़ा हुआ है । परिवार पहले से ही ढाई महिने के लॉक डाउन के कारण आर्थिक संकट में था और उपर से परिवार के एकमात्र कमाने वाले मुखिया को ही कोराना के काल ने शिकार बना लिया ऐसे में परिवार के लिये रोजमर्रा की जरूरत का इंतजाम करना भी कठीन हो गया और अभी भी बाजार की आर्थिक हालत खराब है ऐसे में इन परिवारों के लिये आजीविका चलाना काफी मुश्किल हो गया है ऐसे में सरकार की और से भी कोई आर्थिक सहायता का संबल इन परिवारों को नहीं मिल रहा है जबकी संकट की घडी में शासन प्रशासन से ही सहायता की दरकार होती है लेकिन फिर भी मध्यप्रदेश सरकार की और से अभी तक इन परिवारों को कोई भी आर्थिक सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई है, उन लोगों को आर्थिक सहायता की आवश्यकता है जिन्होंने किसी अपने को कोरोना में खो दिया है और अब उन परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हैं। हालांकि विधायक यशपालसिंह सिसोदिया का बिहार की व्यवस्था पर ध्यान आकर्षित किया तो उन्होंने आश्वस्त किया कि वे इस सम्बन्ध में प्रदेश के मुख्यमंत्री और मंत्रीगणों से चर्चा करेगें और प्रदेश की जनता के हित में जो अधिकतम हो सकता है उसे कराने के लिये आग्रह करेगें।


राज्य व केंद्र सरकार से करूंगा चर्चा
बिहार में यदि कोरोना से मृत्यु पर सहायता का प्रावधान है तो मध्यप्रदेश में भी यह व्यवस्था लागू हो इसके लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार से बात करूंगा जनहित में जो भी बेहतर हो सकता है उसके पूरे प्रयास करूंगा 
सुधीर गुप्ता, सांसद

मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे जनहित में मुद्दा
कोरोना के संकट मेंयदि कोई आर्थिक सहायता दिये जाने का कोई सक्र्यूलर है और अन्य राज्यों में इसे लागू किया गया है लेकिन मध्यप्रदेश में नहीं हुआ है तो इसकों लेकर में माननीय मुख्यमंत्रीजी से चर्चा करूंगा। जनता के हित में प्रदेश की सरकार योजनाएं बना रहीं है।

यशपालसिंह सिसोदिया

विधायक

मध्यप्रदेश में तो अभी तक ऐसा कोई प्रावधान नहीं है
मैने भी पड़ा है कोरोना से मौत होने पर आर्थिक सहायता का समाचार यह व्यवस्था वहां स्थानीय स्तर पर की गई होगी लेकिन मध्यप्रदेश में तो अभी तक ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। इसलिये कोरोना से मृत्यु होने पर अभी तक किसी को भी आर्थिक सहायता नहीं दी गई है।

मनोज पुष्प, कलेक्टर

Chania