Friday, March 1st, 2024 Login Here
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पहली टेस्टिग होंगी, पांच दिन बाद जनता के घर में हर दिन नलों से पहुंचेगा पानी
कलेक्टर ने किया निरीक्षण

मंदसौर जनसारंगी।
मंदसौर के लिए राहत भरी खबर आई है अब शहरवासियों को पेयजल के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। तकरीबन छह साल पहले 53 करोड़ रूपए की लागत से शुरू हुई चंबल-शिवना के समागम की योजना अब साकार होने जा रहा है। काम पूरा होने के बाद आज रविवार को पहली बार इसकी टेस्टिग होगी इसके सफल रहने पर पांच दिनों में रोजाना चंबल का पानी शिवना में मिलने लगेंगा और हर दिन नगर वासियों को पेयजल नलों के माध्यम से मिलेगा। इसको लेकर शनिवार को कलेक्टर मनोज पुष्प सहित अन्य अधिकारियों ने रामघाट पहुंचकर निरीक्षण भी किया। टेस्टिंग के दौरान 53 किलो मीटर लंबी पाईप लाईन का लीकेज और साफ सफाई संबंधित अन्य कार्य भी किया जाएगा। अगर सबकुछ ठीक रहा तो चार पांच दिनों में चंबल का पानी फिल्टर प्लांट तक नियमित रूप से पहुंचने लगेगा। प्रशासन की मंशा है कि चंबल के पानी के मंदसौर पहुंचने के बाद लोगों को चैबीस घंटे पानी उपलब्ध कराया जाए।
 शहर की डेढ़ लाख आबादी के लिए जलसंकट के स्थाई हल करने के लिए अमृत मिशन में बनी 53 करोड़ की चंबल योजना करीब छह साल पहले शुरु हुई थी। लेटलतीफी के कारण योजना की लागत भी डेढ़ करोड़ रुपए तक बढ़ गई है। इसके बाद भी तकनीकी कारण आड़े आते रहें, जो चंबल का पानी मंदसौर तक लाने में रोड़ा बने रहें। लेकिन पिछले दिनों जैसे ही नगर पालिका का कार्यकाल समाप्त हुआ और इस पर प्रशासक के रूप में कलेक्टर मनोज पुष्प काबिज हुए उन्होंनें चंबल योजना को पूरा करने के लिए टाईम लिमिट तय कर दी और विधायक यशपालसिंह सिसोदिया भी इस योजना को पूरा कराने के लिए मैदान में उतर आऐ। योजना को पूरा करने में सबसे बड़ी बाधा विघुत लाईन बन रही थी कि 33 केवी की लाईन को जिन किसानों खेतों के उपर से गुजरना था वे किसान तैयार नहीं थे। विधायक श्री सिसोदिया ने उन सभी किसानों से चर्चा की और आखिरकार उन्हें राजी कर लिया इसके बाद उन्होंने भोपाल स्तर पर भी प्रयास आरम्भ किए और मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चैहान से 33 केवी विघुत ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराऐ जाने की मांग की इस पर श्री चैहान ने भी निर्देश दिए और तत्काल ट्रांसफार्मर, कटआउट समेत सभी जरूरी उपकरण कोलवी पहुंच गए और तेजी से योजना को पूरा करने का काम शुरू हो गया। बिते दिनों कोलवी में परीक्षण कर पाईप में जमी गाद, आदि को साफ किया गया । अब इसका फायनल टेस्टिग किया जाना है जिसमें पहली बार चंबल का पानी शिवना नदी तक पहुंचेगा और यहां से फिल्टर प्लाट के माध्यम से नलों में होकर आम लोगों के घरों तक पहुंचना है।  
योजना का काम देर से आए दुरूस्त आऐ वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए आखिर आज मंदसौर पहुंच रहा है। इसी को लेकर कलेक्टर मनोज पुष्प ने रामघाट फिल्टर प्लांट पहुंचकर निरीक्षण भी किया। निरीक्षण का उद्देश्य कल होने वाली फाईनल टेस्टिंग था। कलेक्टर मनोज पुष्प ने बताया कि 53 किमी लंबी पाईप लाईन क्षेत्र में है। जिसकी साफ सफाई और लीकेज की जांच भी की जाएगी। उम्मीद है कि चार पांच दिनों में पानी फिल्टर प्लांट तक पहुंच जाएगा। चैबीस घंटे लोगों को पानी उपलब्ध कराने का प्रयास प्रशासन का होगा। उल्लेखनिय है कि अभी शहर की डेढ़ लाख जनता को सालभर पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नपा शिवना पर बने रामघाट व कालाभाटा बांध पर निर्भर है। गर्मी में पानी सूख जाने पर पेयजल संकट की स्थिति निर्मित होती है। समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए अमृत योजना में ग्राम कोलवी से चंबल का पानी रामघाट तक लाने की 52 करोड़ की योजना स्वीकृत की। अनुबंध के अनुसार योजना करीब दो साल पहले पूरी होना थी।
एक नजर
1 करोड़ लीटर पानी नए उद्योग आने पर होगी रोज की आवश्यकता
30-40 लाख लीटर रोज मिल रहा है अभी पानी
1.5 करोड़ लीटर पानी एक दिन छोडकर मिल रहा है
3 करोड़ लीटर पानी भविष्य में जरूरत
4 करोड़ लीटर पानी रोज चंबल से आएगा

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