Sunday, February 25th, 2024 Login Here
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लॉखों रूपयों के राजस्व का शासन को हो रहा नुकसान, खनिज की हो रहीं बल्ले-बल्लें
मंदसौर जनसारंगी।

मंदसौर जिले में करीब आठ महिने पहले ही रेत की 21 खदानों के सभी ठेके खत्म हो चूके है लेकिन फिर भी खनिज विभाग के आश्रय में कहीं भी रेत की कमी नहीं है। धडल्ले से रेत निकाली जा रहीं है और परिवहन की जा रहीं है। जबकी खनिज विभाग द्वारा की जा रहीं कार्रवाहीं केवल ऊंट के मुंह में जीरे के समान हीं दिख रहीं है। हालांकि अब जिले में  जिले में रेत की खदानों के ठेके की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शासन के निर्देश से नवंबर माह के अंतिम सप्ताह या दिसम्बर के पहले सप्ताह में जिले की सभी 21 ही रेत खदानों के ठेके हो जाएंगे।
खनिज विभाग के अधिकारी और कर्मचारी ईमानदारी का डंका बजाते है लेकिन हकीकत इसके उलट है। मंदसौर जिले में मार्च महिने में ही रेत के ठेके निरस्त हो गऐ इन आठ महिने में नऐ ठेके हुए नहीं लेकिन फिर भी रेत की कहीं कमी नहीं है। हर दिन सैकडों ट्रेक्टर अकेले मंदसौर शहर में ही परिवहन किए जा रहे है लेकिन खनिज विभाग के जिम्मेदार केवल दिखावटी कार्रवाहीं हीं कर रहे है। जबकी बिना ठेके के जितनी भी रेत खनन हो रहीं है वह पूरी तरह से अवैध ही है। इससे शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है लेकिन खनिज विभाग के जिम्मेदारों की बल्ले-बल्ले हो रहीं है। हालांकि अब शासन के निर्देशों के बाद जिले में रेत खदानोें के ठेके के लिए प्रकिृया में तेजी आई है। जिले की सभी रेत खदानों की नीलामी प्रकिृया को लेकर चर्चा पूरी हो चूकी है। बताया जाता है कि इसी महिने के अंत तक खदानों की नीलामी प्रकिृया पूरी हो सकती है।
बताया जाता है कि जिले में रेत की 21 खदानें हैं, जिन्हें शासन द्वारा ठेके पर दी जाती है और प्रतिवर्ष इन खदानों की नीलामी से शासन को करोड़ों की आय होती है। इसी वर्ष मार्च माह में शासन द्वारा मंदसौर जिले की भी सभी खदानों के ठेके को खत्म कर दिया था। मार्च में ठेका खत्म होने से खनन और रेत के परिवहन पर रोक लगना थी। लेकिन जिले में चल रहे निर्माण कार्याे में जिले की ही काली रेत आसानी से पहुंच रही है। माफिया अलसुबह तो कभी रात के अंधेरे में खनन और परिवहन कर अवैध रूप से रेत की चोरी कर शासन को राजस्व का नुकसान पहुंचाते रहे हैं। रेत के अवैध परिवहन को लेकर आए दिन पुलिस व खनिज विभाग द्वारा कार्रवाहीं हो रहीं है लेकिन यह केवल दिखावटी ही साबित हो रहीं है। जो कार्रवाहीं की जा रहीं है वहीं यह साबित करती रही है कि जिले में खदानों का ठेका नहीं होने के बावजूद रेत का खनन चल रहा है लेकिन फिर भी खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारी केवल दिखावटी कार्रवाहीं करने में हीं व्यस्त नजर आ रहे है।
खनिज अधिकारी भावना सेंगर के मुताबिक शासन के निर्देशानुसार जिले में रेत खदानों की नीलामी के लिये प्रक्रिया प्रारंभ हुई है। इस संबंध में बैठक भी हो चुकी है। रेत की खदानों की नीलामी की प्रक्रिया किस तरह होगी इस संबंध में चर्चा की गई है। नवंबर माह के अंतिम सप्ताह या दिसम्बर के पहले सप्ताह में जिले की रेत खदानों की नीलामी होने की संभावना है।
जिनकी जिम्मेदारी फिल्ड में घूमने की आधे दिन तो घर से भी नहीं निकलते
खनिज विभाग में जिन अधिकारियों की जिम्मेदारी फिल्ड में जांच करने की है उनके बारे में कहा जाता है कि वे आधे दिन तो घर से भी नहीं निकलते है। जबकि उन्हें भी यह पता है कि मंदसौर जिले में रेत के ठेके आठ महिने पहले खत्म हो चूके है लेकिन फिर भी धडल्ले से रेत का परिवहन हो रहा है। हर दिन सैकडों ट्रेक्टर अकेले मंदसौर की सीमा में ही दिख रहे है। मंदसौर में चल रहे अधिकांश निर्माण कार्यो में भी काली रेत का उपयोग हो रहा है बावजूद इसके जिम्मेदार फिल्ड में घूम कर अवैध खनन को रोकने की कार्रवाहीं करने के मौज फरमा रहे है जिसके कारण शासन को लॉखों रूपयों के राजस्व का चूना लग रहा है।

Chania