Monday, February 26th, 2024 Login Here
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मंदसौर।   वरिष्ठ विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया का साल 2016 में मध्यप्रदेश की विधानसभा में दिया गया सुझाव मंदसौर और मध्य प्रदेश के बाद अब पूरे देश भर में कानून की शक्ल लेकर लागू होने जा रहा है। अब पूरे देश भर में सूर्यास्त के बाद भी शव का पोस्टमार्टम किया जा सकेगा। भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने अंग्रेजों के समय की इस व्यवस्था को खत्म करने का आदेश दिया इसके साथ ही यह नियम अब पूरे देश भर में लागू हो गया। दरअसल साल 2016 में मध्यप्रदेश की विधानसभा में विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने मध्य प्रदेश सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया था कि दुर्घटना में या फिर अन्य आकस्मिकता में यदि किसी की मृत्यु हो जाती है तो उसका पोस्टमार्टम सूर्यास्त के बाद नहीं हो पाता है। अगले दिन सुबह पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार में दोपहर तक का वक्त निकल जाता है। ऐसे में मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है ।इसलिए अंग्रेजों के जमाने की इस व्यवस्था को बदलाव कर सूर्यास्त के बाद पोस्टमार्टम किए जाने चाहिए।
 श्री सिसोदिया ने तर्क दिया था कि अंग्रेजों के जमाने में पर्याप्त विद्युत की व्यवस्था नहीं होती थी चिमनी में, लालटेन में या अन्य संसाधनों के माध्यम से रोशनी कर पोस्टमार्टम किए जाते थे लेकिन अब ऐसी स्थिति नहीं है। बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है, हाई मास्क जैसे अत्याधुनिक लैंप मौजूद हैं, ऐसे में पोस्टमार्टम रूम में पर्याप्त बिजली की व्यवस्था कर सूर्यास्त के बाद भी पोस्टमार्टम किए जाने की व्यवस्था की जानी चाहिए। विधायक श्री सिसोदिया के जन हितेषी ध्यानाकर्षण पर मध्य प्रदेश की सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और तात्कालिक स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने तत्काल निर्णय किया था और इस व्यवस्था को मध्य प्रदेश में लागू कर दिया था जिसके बाद से ही पूरे प्रदेश में सूर्यास्त के बाद भी रात 8 बजे तक पोस्टमार्टम किए जा रहे हैं। विधायक श्री सिसोदिया द्वारा दिया गया यह सुझाव तत्समय मध्य प्रदेश में लागू हो गया था अब इसी सुझाव को भारत की सरकार ने  भी लागू करने का निर्णय किया है।
 केंद्र सरकार ने यह अहम फैसला लेते हुए आदेश दिया कि  अब देशभर के अस्‍पतालों में सूर्यास्‍त के बाद भी पोस्‍टमार्टम हो सकेंगे। अभी तक मध्यप्रदेश के अलावा अन्य जगहों पर यह नियम था कि रात के समय पोस्‍टमार्टम नहीं होगा, लेकिन अब यह हो सकेगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने हिंदी में ट्वीट कर इसकी जानकारी दी और कहा कि अंग्रेजों के समय की व्यवस्था खत्म! 24 घंटे हो सकेगा पोस्टमार्टम। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सुशासन के विचार को आगे बढ़ाते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निर्णय लिया है कि जिन अस्पतालों में रात को भी पोस्टमार्टम करने की सुविधा है वो अब सूर्यास्त के बाद भी पोस्टमार्टम कर सकेंगे। हालांकि, इनमें हत्या, आत्महत्या, दुष्कर्म, क्षत-विक्षत शव और संदिग्ध हालात हुई मौत के मामले को शामिल नहीं किया गया है। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने कहा, मृतक के दोस्तों और रिश्तेदारों के अलावा, यह नई प्रक्रिया अंगदान और प्रतिरोपण को भी बढ़ावा देती है क्योंकि प्रक्रिया के बाद निर्धारित समय में अंगों को निकाला जा सकता है। अंगदान के लिए पोस्टमार्टम प्राथमिकता के आधार पर मंत्रालय के मुताबिक संबंधित प्रोटोकाल में कहा गया है कि अंगदान के लिए पोस्टमार्टम प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए और यह सूर्यास्त के बाद भी उन अस्पतालों में किया जाना चाहिए, जिनके पास नियमित आधार पर इस तरह के पोस्टमार्टम करने के लिए बुनियादी ढांचा है।

प्रोटोकाल में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी संदेह को दूर करने के लिए पूरी रात सभी पोस्टमार्टम के लिए वीडियो रिकाडिर्ग की जाएगी और यह कानूनी उद्देश्यों के वास्ते भविष्य के संदर्भ के लिए संरक्षित रखी जाएगी
जन हितेषी निर्णय को पूरे देश भर में लागू करने पर विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया तथा जन हितेषी निर्णय को  मध्य प्रदेश में सबसे पहले लागू करने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और तात्कालिक स्वास्थ्य मंत्री और वर्तमान प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के प्रति आभार व्यक्त किया है।
Chania