Friday, March 1st, 2024 Login Here
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मंडी सचिव बोले नियम से की कार्यवाही, व्यापारी संघ ने आज बुलाई बैठक
मंदसौर । कृषि उपज मंडी मंदसौर में नियमों का पालन नहीं किए जाने के बाद 28 फर्मों के गोदाम निरस्त किए जाने का मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है ऐसा निर्णय संभव तो संपूर्ण मध्यप्रदेश में पहली बार हुआ होगा । वैसे तो मंदसौर मंडी का नाम प्रदेश ही नहीं देश की आदर्श मंडीयो में शुमार है और ऐसे में व्यापारी द्वारा नियमों का पालन नहीं किए जाने का मामला सामने आने के बाद 28 व्यापारियों के गोदाम ही निरस्त नहीं हुए बल्कि इन 28 फर्मों में कुछ फर्मों के मालिक भी लंबे समय से परिवर्तित हो चुके हैं अन्य व्यापारी यहां अपना व्यापार व्यवसाय कर रहे हैं जबकि उनके नाम गोदाम नामांतरण की कार्रवाई भी नही हुई है। गोदाम निरस्त किये जाने का इस प्रकार का एक कठोर निर्णय मंदसौर मंडी प्रशासकीय समिति द्वारा द्वारा लिए जाने के बाद व्यापारियों में हड़कंप मचा हुआ है। व्यापारी अपने अपने स्तर पर प्रयास करने में जुटे हुए हैं क्योंकि मामला सिर्फ 28 गोदाम का ही नहीं है बल्कि गोदाम की कीमत आज की स्थिति में लाखों से लेकर करोड़ो रुपयों तक पहुंच चुकी है ऐसे में यदि गोदाम निरस्त की जो कार्रवाई हुई है अगर स्थाई रूप से हो जाती है तो निश्चित रूप से व्यापारियों को एक बड़ा नुकसान होगा । मंडी सचिव का कहना है कि मंडी समिति द्वारा गोदाम निरस्त की कार्रवाई नियमों के अनुसार की गई है वहीं दूसरी ओर इस मामले में दशपुर मंडी व्यापारी संघ सोमवार को साधारण सभा की बैठक आहूत करने जा रहा है। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या स्थिति सामने आती है। मंदसौर कृषि उपज मंडी देश की आदर्श मंडी में शुमार होने के बाद काफी अच्छी स्थिति में व्यापारी अपना व्यापार व्यवसाय संचालित कर रहे है मंदसौर मंडी की साख अन्य मंडियों की तुलना में काफी बेहतर है। लंबे समय से मंडी में नगद भुगतान का प्रचलन चला रहा है और व्यापारी भी पूरी ईमानदारी के साथ समय पर किसानों को भुगतान करते हैं लेकिन कहीं ना कहीं व्यापारी समय पर मंडी कमेटी द्वारा आवंटित गोदामों की कागजी कार्रवाई पूरी नहीं कर सके उसका खामियाजा इन 28 फर्मों को भुगतना पड़ रहा है वैसे यह भी जानकारी सामने आई है कि इन 28 फर्मो में अधिकांश फर्मों में लंबे समय से व्यापारिक कामकाज संचालित नहीं हो रहा था मंडी अधिनियम की जो प्रक्रिया है उसके तहत व्यापारियों को गोदाम व्यापार व्यवसाय करने हेतु दिए जाते हैं लेकिन अनेक व्यापारियों ने अपने गोदाम अन्य व्यापारियों को किराया पर दे रखे हैं या इन 28 गोदामों में से कुछ गोदाम मालिकों ने लंबे समय से अपने गोदाम बेच दिए हैं और उनका नामंत्रण आज तक नहीं हो पाया है ऐसे में यदि मंदसौर मंडी समिति के निर्णय की परिपालना में यदि आगे मंडी बोर्ड में व्यापारी जाते हैं तब भी ऐसे व्यापारियों को राहत मिलना बहुत मुश्किल होगी जिन्होंने अपने गोदाम अन्य फर्मों को भेज दिए हैं और आज तक नामांतरण नहीं हुआ है । उल्लेखनीय है कि मंदसौर मंडी में अनेक व्यापारी आज की गोदाम के अभाव में अपना कारोबार खुले आसमान के नीचे कर रहे हैं और अपनी जिन्से रखने के लिए उन्हें काफी जद्दोजहद करना पड़ती है और ऐसे में अनेक व्यापारी जिनको गोदामों की आवश्यकता नहीं है वे अपने गोदाम अन्य व्यापारियों को किराए पर दे रहे हैं कहीं ना कहीं इस प्रकार की शिकायतें भी मंडी कमेटी को लंबे समय से प्राप्त हो रही थी। बरहाल जो भी हो 28 व्यापारियों के ऊपर गोदाम निरस्त किए जाने से वर्तमान परिस्थितियों में संकट की स्थिति निर्मित हो चुकी है। इनका कहना मंडी सचिव पर्वतसिंह सिसोदिया ने बताया कि मंडी प्रशासकीय समिति ने जो 28 गोदाम निरस्त किए हैं वह कार्रवाई पूरी नियमानुसार की गई है लंबे समय से इन फर्मों में लेनदेन नहीं चल रहा था या अन्य प्रकार की कागजी कार्रवाई उन्होंने पूरी नहीं की थी इस कारण इनके लीज नवीनीकरण निरस्त करने की करवाई की गई है, 39 अन्य फर्मों के भी लीज नवीनीकरण के आवेदन प्राप्त हुए हैं उनमें भी कुछ कमियां पाई गई है जिन्हें सूचना पत्र देकर समय सीमा में कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिये गए। दशपुर मंडी व्यापारी संघ अध्यक्ष राजेंद्र नाहर का कहना है कि 28 फर्मो के गोदाम निरस्ती का मामला सामने आया है इस संबंध में व्यापारी संघ की साधारण सभा की बैठक सोमवार 3 जनवरी को आहूत की गई है , उसमें इस मामले मे चर्चा की जावेगी। मंडी भारसाधक अधिकारी एसडीएम बिहारीसिंह से इस संबंध में चर्चा करना चाहिए लेकिन उनका मोबाइल नो रिप्लाई हो रहा ।
Chania