Sunday, February 25th, 2024 Login Here
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विधानसभा चुनाव में भाजपा को जो बहुमत मिला, उसमें मोदी और शिवराज फैक्टर तो अपनी जगह है ही, लेकिन इस अप्रत्याशित जीत की मुख्य वजह लाड़ली बहना स्कीम को माना जा रहा है। मप्र सरकार ने 11 जून को सवा करोड़ महिलाओं के खातों में एक-एक हजार रुपए जमा करवाए थे।
यही क्रम सितंबर तक चला और अक्टूबर से 1.25 करोड़ महिलाओं के खातों में 1250 रुपए के मान से राशि जमा हुई। बल्कि चुनाव के दौरान 7 नवंबर को भी ये राशि जमा की गई। सीएम ने आगे इसे बढ़ाकर 3 हजार रुपए करने का वादा हर चुनावी सभा में किया, जो चुनाव में तो काम कर गया। अब पैसों का इंतजाम बड़ी चुनौती होगा।
बता दें कि सरकार ने इस योजना के लिए मार्च 2023-24 में जो अनुमानित बजट प्रावधान किया था, वह 8 हजार करोड़ रुपए था। जबकि इससे अधिक राशि तो जून से नवंबर तक छह माह में खर्च हो गई। भाजपा सरकार लाड़ली बहना स्कीम में 8 हजार करोड़ से ज्यादा राशि खर्च करके सत्ता में तो फिर आ गई लेकिन यह स्कीम राजकीय खजाने पर बहुत भारी पड़ने वाली है।
ऐसा इसलिए क्योंकि मौजूदा स्थिति से देखें तो 1.25 करोड़ महिलाओं को 1250 रुपए देने के लिए हर महीने सरकार को 1562 करोड़ रुपए चाहिए। ये सालाना 18745 करोड़ होते हैं। इतना तो कई विभागों का सालाना बजट तक नहीं है। ये स्थिति भी तब है जब महिलाओं को सिर्फ 1250 रुपए प्रति महीने दिए जा रहे हैं।
यदि सीएम के वादे अनुसार 3 हजार रुपए दिए जाते हैं तो इसके लिए सरकार को हर माह लगभग 3750 करोड़ रुपए का इंतजाम करना होगा। जो सालाना 45 हजार करोड़ रुपए तक जा सकता है। यह मप्र सरकार के वित्तीय वर्ष 2023-24 के कुल बजट 3 लाख 14 हजार 25 करोड़ रुपए का 14.93ः के बराबर है। वहीं कर्ज की बात करें तो 31 मार्च 2023 की स्थिति में सरकार पर 3 लाख 31 हजार 651 करोड़ रुपए कर्ज था जो अक्टूबर तक 15 हजार करोड़ रुपए और बढ़ गया है।

वित्तीय वर्ष में खर्चेंगे 14000 करोड़, कई विभागों का इतना बजट नहीं
जून से नवंबर तक सरकार लाड़ली स्कीम में करीब 8 हजार करोड़ रुपए खर्च चुकी है और इसी मौजूदा वित्तीय वर्ष में मार्च 2024 तक अभी चार किस्तें और देनी है। यदि 1250 रुपए हर माह के मान से भी देखें तो भी लगभग 6200 करोड़ रुपए की व्यवस्था तो भाजपा सरकार को करनी होगी। इसके साथ ही एक वित्तीय वर्ष में लाड़ली बहना स्कीम में लगभग 14 हजार करोड़ रुपए खर्च हो जाएंगे। इतना तो कई विभागों का बजट नहीं है।

2023-24 के मप्र सरकार के बजट प्रावधान को देखें तो प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 8000 करोड़, जल जीवन मिशन नेशनल रूरल ड्रिंकिंग वाटर मिशन के लिए 7332 करोड़, अटल कृषि ज्योति योजना के लिए 5520 करोड़, राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के लिए 3500 करोड़, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लिए 3230 करोड़, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 2001 करोड़, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 1826 करोड़ का प्रावधान है। ऐसे ही कई अन्य स्कीम लाड़ली बहना योजना के आगे बहुत बौनी साबित होने जा रही हैं।
Chania