Sunday, February 25th, 2024 Login Here
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श्री तलाई वाले बालाजी में स्वर्णकलश आरोहण और 108 कुंडात्मक हनुमंत महायज्ञ
अयोध्या की यज्ञशाला बनाने वाले शिल्पकार ने मंदसौर में किया वैदिक युगीन भव्य यज्ञशाला का निर्माण
आचार्य पं देवेन्द्र शास्त्री और धीरेन्द्र त्रिवेदी ने पत्रकार वार्ता में दी जानकारी
मंदसौर।
मंदसौर की आस्था के केन्द्र भगवान तलाई वाले बालाजी मंदिर के शिखर पर आरोहित होने वाले स्वर्ण कलश व 108 कुण्डिय श्री हनुमंत महायज्ञ के भाव महोत्सव की भव्य तैयारियां चल रहीं है। यज्ञ शाला वैदिक कॉलीन स्वरूप में बनाई जा रहीं है जिसमें 108 यज्ञ कुण्ड शास्त्रोक्त विधी से बनाऐ गऐ है प्रत्येक कुण्ड का नामकरण किया गया है। यज्ञ शाला का निर्माण अयोध्या में 2100 कुण्डीय यज्ञ शाला का निर्माण करने वाले शिल्पकारों ने किया है। यज्ञ शाला तैयार होने के बाद की कर्नाटक की पर्वत श्रृंखलाओं जहां भगवान हनुमान जी का जन्म हुआ था वहां के लंपी पर्वत के कुंड के जल से पवित्र किया जाऐगा।
मंदसैर नगर में स्वर्णिम आभा के साथ बालाजी मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित हो रहा दिव्य आयोजन 20से 25 जनवरी तक तक चलेगा, इस आयोजन की जानकारी पत्रकार वार्ता में देते हुए यज्ञाचार्य डॉ देवेंद्र शास्त्री ने बताया दया मंदिर परिसर में जिस यज्ञशाला का निर्माण किया गया है यह वैदिक कालीन स्वरूप में है। 108 कुंड बनाए गए हैं प्रत्येक कुंड को अलग-अलग नाम दिया गया है। यज्ञ विधि में 108 औषधियों का उपयोग किया जाएगा।यज्ञशाला को मुख्य भाग से ईशान कोण के ढलान के रूप में बनाया गया है पूरी वैदिक रीति का पालन किया जा रहा है। प्रतिदिन यहां गायत्री मंत्र का भी जाप किया जाएगा।सामूहिक रूप से 24 लाख गायत्री मंत्र का जप होगा ताकि वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का सृजन हो सके। आपने बताया है कि यज्ञशाला को जिस पावन पवित्र जल से पवित्र किया जा रहा है वह जल कर्नाटक की पर्वत श्रृंखलाओं के उस लंपी  पर्वत के कुंड का जल है जहां भगवान हनुमान जी का जन्म हुआ था। आपने बताया कि यज्ञशाला में प्रतिदिन 22 जनवरी से प्रातः 8 बजे सभी यजमान एकत्र होंगे 8.30 बजे से यज्ञ विधि आरंभ होगी, यज्ञ विधि में सहयोग के लिए उत्तराखंड, महाराष्ट,ª गुजरात, राजस्थान के ऋषि कुमार आ रहे हैं। प्रत्येक हवन कुंड में घी और साकल्य आहूति के यजमान के साथ ऋषि कुमार पुरोहित के रूप में उपस्थित रहेंगे।
25 जनवरी को प्रातः यज्ञ की पूर्णाहुति होगी। 22 से 24 जनवरी तक यज्ञ का समय प्रतिदिन प्रातः 8.30 बजे से और दोपहर 2 बजे से रहेगा। यज्ञशाला में केवल यजमान धोती कुर्ता पहनकर प्रवेश कर सकेंगे। अन्य सहयोगी कार्यकर्ता भी धोती कुर्ते में ही यज्ञशाला में आएंगे। यज्ञ शुभारंभ के एक दिन पूर्व 21 जनवरी को माहेश्वरी धर्मशाला में सभी यजमान दोपहर 1 बजे से 4 बजे के मध्य हेमाद्री संकल्प के साथ स्नान एवं पूजा करेंगे।
पत्रकार वार्ता में ताले वाले बालाजी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष पंडित धीरेंद्र त्रिवेदी ने बताया कि 6 दिवसीय आयोजन का शुभारंभ 20 जनवरी को प्रातः 10 बजे श्री तलाई वाले बालाजी मंदिर से भव्य शोभायात्रा एवं कलश यात्रा के साथ होगा। शोभायात्रा में 50 वानर स्वरूप रहेंगे, विशिष्ट आकर्षणों के साथ यह शोभायात्रा एवं कलश यात्रा निकलेगी जो बालाजी मंदिर से प्र्रारंभ होकर दवा बाजार, गोल चौराहा, बीपीएल चौराहा,गांधी चौराहा, नेहरू बस स्टैंड, कालिदास मार्ग, घंटाघर, आजाद चौक, शुक्ला चौक, नयापुरा रोड होकर माहेश्वरी धर्मशाला पहुंचेगी, जहां भानपुरा पीठ के पूज्य शंकराचार्य जगतगुरु जगद गुरु 1008 श्री ज्ञानानंद जी महाराज एवं आचार्य श्री रामानुज जी के प्रवचन होंगे।
मंदसौर में पहली बार उघव गीता पर होंगे प्रवचन

आचार्य देवेन्द्र शास्त्री ने बताया कि 21 जनवरी से 24 जनवरी तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक रुद्राक्ष माहेश्वरी धर्मशाला में अहमदाबाद के प्रसिद्ध भागवत के विद्वान हरेश भाई जोशी शास्त्री उद्धव गीता पर प्रवचन देंगे। आचार्यश्री ने बताया कि उघव गीता पर पहली बार मंदसौर में प्रवचन होंगे। उघव गीता र्स्टाटअप प्रारंभ करने वाले युवाओं के लिए विशेष प्रेरणादाई है। इसे भगवान श्रीकृष्ण ने महाप्रयाण से पूर्व अपने सखा उधवजी को सुनाया था।
25 जनवरी को अभिजीत मुर्हूत में होकर कलश आरोहण

आचार्य श्री देवेन्द्र शास़्त्री ने बताया कि 25 जनवरी को यज्ञ पूर्णाहुति के बाद अभिजीत मुहूर्त में मंदिर शिखर पर स्वर्ण कलश आरोहण होंगे। मुख्य कलश 48 किलो वजन का बनाया गया है कुल पांचों कलश पर एक किलो 300 ग्राम स्वर्ण चढाया गया है। इस अवसर पर पूज्य शंकराचार्य ज्ञानानंद जी तीर्थ, युवाचार्य वरुणेंद्र जी तीर्थ, सोला अहमदाबाद भागवत विद्यापीठ के पूज्य भागवत ऋषि प्रसिद्ध, कथा प्रवक्ता आचार्य रामानुजजी एवं हरेश भाई शास्त्री का सानिध्य प्राप्त होगा।
इस भव्य महोत्सव क्या आयोजन की समिति से जुड़े ब्रजेश जोशी ने बताया कि 20 जनवरी को भव्य शोभा यात्रा एवं कलश यात्रा में 2100 मातृशक्ति सम्मिलित होगी, शोभा यात्रा में श्री नालछा माता मंदिर एवं श्री खाटू श्याम मंदिर का दरबार भी साथ चलेगा। शोभायात्रा का नगर में 40 स्थानों पर स्वागत मंच बनाकर स्वागत किया जाएगा। महावीर फतेह करे श्री बालाजी ग्रुप द्वारा स्वागत मंच तैयार कराऐ जा रहे है कोई भी समाज संस्था या समूह मंदिर कार्यालय में 1000 रूपऐ जमा करा कर इन स्वागत मंच पर अपनी संस्था, समाज व समूह का बैनर लगाकर स्वागत कर सकते हैं। मालाएं और पुष्प उपलब्ध वहीं उपलब्ध रहेंगे।

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