Sunday, February 25th, 2024 Login Here
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भोपाल मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) प्रोजेक्ट में पानी के बंटवारे को लेकर समझौता हो गया है। दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की मौजूदगी मध्यप्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव और राजस्थान के सीएम भजन लाल शर्मा ने MOU साइन किया। रविवार शाम करीब 7.30 बजे दोनों सरकारों के बीच सहमति बनी।
इससे मध्यप्रदेश में 10 जिलों के दो लाख किसानों को फायदा होगा। उनकी 4.12 लाख हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी। मध्यप्रदेश के जलसंसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि यह मध्यप्रदेश और राजस्थान के लिए बड़ी सौगात है। इससे किसानों के खेतों तक पानी पहुंचेगा। कृषि आधारित हमारी अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी।
इससे पहले, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को जयपुर पहुंचकर राजस्थान के सीएम भजन लाल शर्मा के साथ बैठक की। दोनों स्टेट सीएम ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ERCP पर काम आगे बढ़ाने की बात कही। दोनों राज्य पानी के बंटवारे पर विवाद को सुलझाने को राजी हुए। फिर साथ में ही दिल्ली के लिए रवाना हुए।

कांग्रेस ने विवाद पर ध्यान नहीं दिया: डॉ. मोहन यादव

जयपुर में बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पहले जो विवाद था, उस पर ध्यान नहीं दिया गया। अटल बिहारी वाजपेयी का नदी जोड़ो का सपना था। हम कोई समझौते तक पहुंचे, इसलिए मैं यहां पर आया हूं। उम्मीद करता हूं कि एमओयू पूरा हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट से बड़े पैमाने पर बड़े पर पर्यटन की संभावना बनेगी।

10 जिलों को होगा फायदा, 16 बांध बनेंगे

जलसंसाधन मंत्री सिलावट ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर इसकी लागत करीब 15 हजार करोड़ आंकी गई है। इसकी डीपीआर बनाई जाएगी। एमओयू से मध्यप्रदेश के 10 जिले - शिवपुरी, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, गुना, उज्जैन, इंदौर, देवास और शाजापुर के दो लाख किसानों को फायदा होगा।
प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश में करीब 16 बांध बनाए जाएंगे। इन बांधों से अत्याधुनिक प्रेशराइज्ड पाइप लाइन की नहर बनाई जाएगी, जिससे किसानों के खेतों में स्प्रिंकलर और ड्रिप इरिगेशन सिस्टम से सिंचाई हो सकेगी। इन जिलों के गांवों में पेयजल की पाइप लाइन भी बिछाई जाएगी।

मध्यप्रदेश-राजस्थान के बीच क्या था विवाद?

ईआरसीपी के लिए बांध बनाने व पानी के बंटवारे को लेकर मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच विवाद हो गया था। राजस्थान सरकार का तर्क था कि 2005 में हुए समझौते के अनुसार ही बांध बना रहे हैं। यदि परियोजना में आने वाले बांध और बैराज का डूब क्षेत्र दूसरे राज्य की सीमा में नहीं आता हो तो ऐसे मामलों में राज्य की सहमति जरूरी नहीं है। मध्यप्रदेश सरकार ने ईआरसीपी के लिए एनओसी नहीं दी। राजस्थान सरकार ने खुद के खर्च पर ईआरसीपी को पूरा करने का फैसला किया। बांध बनने लगा तो मध्यप्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।

सरकार बनने के बाद सुलह की कोशिश शुरू हुई

राजस्थान में बीजेपी सरकार बनने के बाद से राजस्थान की लाइफ लाइन ERCP परियोजना को लेकर कवायद तेज हो गई थी। पिछले महीने ही ERCP को लेकर दिल्ली में जल शक्ति मंत्रालय में अहम मीटिंग हुई थी। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में राजस्थान और मध्यप्रदेश के अधिकारी शामिल हुए थे। इस दौरान दोनों राज्यों के बीच ERCP को लेकर सहमति बनी थी।

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