Sunday, February 25th, 2024 Login Here
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भोजन निर्माण स्थलों पर पहुंचकर कलेक्टर ने लिया जायजा
मंदसौर निप्र। लॉक डाउन के बाद से ही मंदसौर में करीब 1 दर्जन सामाजिक, स्वयंसेवी संस्थाएं और विभिन्न गणमान्य जन अपने अपने स्तर से शहर के जरूरतमंदों तक दोनों समय भोजन पहुंचा रहे हैं ।लेकिन प्रशासन के एक निर्णय से सभी के सेवा कार्य कटघरे में आ खड़े हुए थे।सामाजिक संगठनों ने इस मुद्दे पर विधायक यशपालसिंह सिसोदिया को भी अवगत कराया। इस प्रमुख मुद्दे को दैनिक जनसारंगी ने प्रमुखता के साथ उठाया और प्रशासन का ध्यान दिलाया। जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल अपना निर्णय बदला और कहा कि अब केवल चार नहीं बल्कि वे सभी संगठन अपनी सेवाएं यथावत रखेंगे जो अब तक सेवा करते आए हैं। इसके साथ ही उन्होंने शहर में कई उन जगहों का अवलोकन किया जहां प्रतिदिन भोजन का निर्माण संगठनों द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने व्यवस्थाओं पर संतोष जताया और कहा कि सेवा में लगे लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सेवा कार्य करें।
पिछले 20 दिनों से मंदसौर शहर में पूरा लॉक डाउन होने के बाद भी शायद ही कोई भूखा सोया होगा शहर के एक दर्जन सामाजिक, स्वयंसेवी और विभिन्न गणमान्य जन भामाशाह बनकर सामने आए और जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाने का जिम्मा लिया। प्रतिदिन दोनों समय गरम- गरम, ताजा और स्वादिष्ट भोजन पूरे शहर के जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जा रहा था जिससे 10 से 15 हजार भोजन के पैकेट प्रतिदिन शहर में बट रहे हैं ।इसके अलावा कच्ची राशन सामग्री भी जरूरतमंदों तक भामाशाह के माध्यम से पहुंच रही है।जबकि यह व्यवस्था प्रशासन के जिम्मे  होनी थी लेकिन फिर भी शहर के इन भामाशाहों  ने प्रशासन पर इस व्यवस्था का भार नहीं डाला और उन्हें भोजन की चिंता से मुक्त कर दिया। बावजूद इसके गुरुवार की शाम को प्रशासन के एक निर्णय ने इन सभी संस्थाओं के सेवा कार्यो को कटघरे में खड़ा कर दिया था, प्रशासन ने निर्णय किया था कि अब केवल 4 लोग ही पूरे शहर में भोजन वितरण करेंगे।
 निरंतर निस्वार्थ रूप से शहर में अपनी सेवाएं पिछले 20 दिनों से दे रहे भामाशाह की आवाज को दैनिक जनसारंगी ने  शुक्रवार के अंक में प्रमुखता के साथ उठाया और सवाल भी खड़ा किया कि आखिर केवल 4 लोग ही 10 से 15 हजार पैकेट कैसे बाटेंगे
जिस पर कलेक्टर मनोज पुष्प ने संज्ञान लिया और तत्काल निर्णय बदला और कहा कि अब वे सभी संस्थाएं और गणमान्य जन पूर्व की तरह ही जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाएंगे जो अब तक पहुंचाते रहे हैं। उन्होंने सीईओ जिला पंचायत ऋषभ गुप्ता के साथ शुक्रवार को शहर में कई जगहों पर पहुंचकर भोजन निर्माण का जायजा भी लिया। इस दौरान उन्होंने सभी की सेवाओं को सराहा और कहा कि सेवा में खुद का भी ख्याल रखें,सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह पालन करें, हाथ धोने और मास्क व अन्य जरूरी सुरक्षा संसाधनों का भी पूरी तरह ख्याल रखते हुए सेवा के काम में जुटे रहे।

मन्दसौर के सामाजिक, स्वयंसेवी और गणमान्य जनों के कार्य अभिनंदनिय है,जब भी कोई संकट आता है चाहे वह बाढ़ का समय हो या फिर अभी कोरोना का खतरा हर समय इन्होंने बढ़-चढ़कर सहयोग किया है। वर्तमान में मंदसौर शहर में भोजन और कच्ची सामग्री संस्थाओं द्वारा वितरित की जा रही है उसका किसी भी प्रकार से अपव्यय नहीं हो इसके लिए प्रशासन ने योजना बनाई है। हमारा उद्देश्य है  इस पवित्र कार्य में  जितने भी लोग लगे हैं उन सभी की सेवा का सदुुुपयोग हो और यदि हमें लंबा चलना पड़े तो सबकी उर्जा भी बची रहे। आज कई जगह भोजन निर्माण मेने देखा है बहुत अच्छी व्यवस्थाएं हैं सभी को सेवा के साथ अपना भी ख्याल रखने के लिए कहां है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और कोरोना से बचने के लिए तमाम सावधानियां रखें।
मनोज पुष्प
कलेक्टर

कोरोना के इस संकट में मंदसौर के अनेक सामाजिक, स्वयंसेवी संगठन और कई गणमान्य जन लगातार भोजन की सेवा कर रहे हैं। पक्की और कच्ची सामग्री  जरूरतमंदों तक पहुंचाई जा रही है लेकिन इसमें प्रशासन ने कल नई व्यवस्था कर दी थी, उसको लेकर दानदाताओं के फोन मेरे पास लगातार आ रहे थे उनका कहना था कि वह दूसरों का सहारा बनकर सेवा नहीं कर सकते हैं वह सेवा करेंगे तो उनका स्वयं का बैनर जाना चाहिए। इसी मांग के आधार पर मैंने प्रशासन से भी चर्चा की और इस पुनीत सेवा कार्य मे लगे सभी सामाजिक और स्वयं सेवी संगठनों के साथ ही प्रशासन विषेशकर डिप्टी कलेक्टर संदीप शिवा के साथ समन्वय बिठाने की कोशिश की। और  सभी के समन्वय  से सेवा कार्य संचालित करने के लिए कहा था।
यशपालसिंह सिसोदिया
विधायक

संकट के दौर में सामाजिक संगठनों,दानदाताओं और स्वयंसेवी संगठनों का समर्पित भाव अभिनंदनीय हैं।
मंदसौर। शहर में हमेशा संकट के समय दानदाताओं ने सामाजिक संगठनों ने और स्वयंसेवी संगठन ने शासन तथा जिला प्रशासन को भरपूर सहयोग दिया है तथा कंधे से कंधा मिलाकर समर्पित भाव से सेवा कार्य करते हुए जरूरतमंदों को खाद्यान्न सामग्री तथा भोजन सामग्री पहुंचाने का काम किया है।
 कोरोनावायरस नामक संक्रामक बीमारी से निपटने को लेकर तथा लॉकडाउन के दौरान ऐसी समस्त संस्थाएं जीवटता के साथ जुटी हुई हैं।
विधायक यशपालसिंह सिसोदिया ने  उन तमाम संगठनों से यह प्रार्थना पूर्वक आग्रह करते हुए कहा कि  कि वह जरूरतमंद लोगों तक जिस संवेदना और सहानुभूति के साथ भोजन सामग्री, खाद्यान्न सामग्री तथा भोजन पैकेट पहुंचा रहे हैं वे अब इस बात का जरूर ध्यान करें कि जरूरतमंदों के क्षेत्रों में एक ही दिन एक से अधिक बार एक ही क्षेत्र में अन्य संस्थाएं ऐसी सामग्रियां नहीं पहुंचाएं जो उन्हें एक-दो दिन में एक बार प्राप्त हो गई हैं। मेरा  यह सुझाव होगा उन तमाम संस्थाओं से कि 40 वार्डों को अलग-अलग झोन बनाकर अपनी-अपनी संस्थाएं सीमा रेखा में उन्हें बांध ले, तथा यह कर ले कि इस क्षेत्र में प्रतिदिन हम जरूरतमंदों तक पहुंचेंगे तथा आवश्यकता अनुसार उन्हें खाद्यान्न सामग्री,भोजन पैकेट या मास्क बांटने का काम करेंगे। इससे यह फायदा होगा कि एक परिवार की जरूरत यदि एक संस्था ने पूरी कर दी हैं, तो दूसरी संस्थाएं, दूसरा संगठन उसको दोबारा उसी दिन या 1 दिन छोड़कर के ही जाएगा, अभी कई शिकायतें आ रही है कि एक बस्ती  क्षैत्र में एक से अधिक बार एक ही दिन में अलग-अलग संस्थाओं ने खाद्यान्न की सामग्री,भोजन के पैकेट अन्य आवश्यक सामग्री उनके पास  पहुंच रही हैं, जबकि जिनको आज भी जरूरत है उनको सामग्री नहीं मिल पा रही हैं। इसलिए मेरा उन तमाम संगठनों से आग्रह होगा कि अपने अपने क्षेत्र चिन्हित कर लें, जिला प्रशासन, विशेष करके भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी और अन्य एजेंसी को दी जाने वाली सामग्री और क्षेत्र के विवरण से अवगत कराने की कृपा करें, ताकि डाटा जिला प्रशासन के पास मौजूद रहें।
 मंदसौर शहर की जो तासीर है कि हम समय-समय पर प्राकृतिक आपदा का समय हो या अन्य कोई विपत्ति का समय हो मंदसौर शहर की तमाम संस्थाओं ने शासन को तथा प्रशासन को भरपूर सहयोग हमेशा दिया उसके बहुत-बहुत धन्यवाद, आभार, अभिनंदन।

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