Saturday, May 8th, 2021 Login Here
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मंदसौर निप्र। अविभाजित मंदसौर जिले में बाढ़ ने तबाहीं मचाई है इसे केवलप्राकृतिक आपदा नहीं कहा जा सकता है,क्योंकि यह मानवीय आपदा भी है। वर्षा काल में डेम से पानी छोड़े जाने के मापदण्ड तय होते है बावजूद इसके प्रशासन ने लापरवाहीं की और गांधीसागर बांध को अपने उच्चतम जलस्तर तक आने के बाद डेम के गेट खोले गये,इस दौरान चंबल में मिलने वाली सभी नदियों में भी पानी की आवक काफी बढ़ गई लेकिन चंबल में पहले से ही ज्यादा पानी होने से इन नदियों का पानी उसमें नहीं मिल पाया और सारी नदियों ने अपने मार्ग बदल लिये, परिणामस्वरूप कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया जिससे भारी तबाहीं मची है।    इस मानवीय आपदा पर प्रदेश सरकार को तत्काल श्वेत पत्र जारी करना चाहिये।
यह बात पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने दो दिवसीय मंदसौर दौरे के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहीं इस दौरान सांसद सुधीर गुप्ता एवं विधायक यशपालसिंह सिसोदिया, जगदीश देवडा सहित अन्य भाजपा विधायक एवं जिलाध्यक्ष उपस्थित थे। श्री चौहान ने कहा कि प्रशासन समय पर जाग जाता तो शायद इस तबाहीं को कम किया जा सकता था। जो त्रासदी मै देखकर आया हू, वह इतनी बड़ी है कि केवलसामाजिक ओर स्वयंसेवी संगठनों या समाज के प्रयासों से ही दूर नहीं किया जा सकता है इसके लिये सरकार को भी आगे आना पड़ेगा और पीड़ितों की तत्काल मदद करनी होगी तब कहीं जाकर बाढ़ प्रभावित फिर से अपना जीवर बसर करने लायक बन पाएंगें। मैरे द्वारा मुख्यमंत्री कमलनाथ से आगृह किया है वे भोपाल से मंदसौर आएं और पीड़ितों की व्यथा को जाने और उनकी मदद करें। बाढ़ से प्रभावित लोगों का सब कुछ तबाह हो गया है उनके पास न अनाज बचा है और ना ही पहनने के लिये कपड़े है। मकान, कागजाद इत्यादि सब कुछ बाढ़ ने तबाह कर दिया है ऐसे में पीड़ितों की मदद करने के बजाय सरकार बड़े-बड़े बिजली के बिल थमा रहीं है और इससे भी आगे बिल ना भरने पर नोटिस भी दे रहीं है। लेकिन हम यह सब बर्दाश्त नहीं करेगें। सरकार ने यदि तत्काल मदद नहीं पहुॅचाई तो 21 सितम्बर को कलेक्ट­ेट पर धरना दिया जायेगा। आपने कहा कि मदद की शुरूआत हमने स्वयं से की है मैने अपना एक माह का वेतन बाढ़ पीड़ितों को दिया गया है, सांसद और विधायक भी अपना वेतन दे रहे है। प्रदेश में भी मैने आव्हान किया है जिसके बाद अन्य जिलों से भी सहायता आनी शुरू हो गई है। इसके अलावा  एसडीआरएफ फंड में प्रदेश के 863 करोड़  जमा है जिसमें 75 प्रतिशत पैसा केन्द्र सरकार का होता है प्रदेश सरकार इससे बाढ़  पीडितों की मदद करें और उन्हें राहत दे। श्री चौहान ने कहा कि प्रशासन समय पर बांध के गेट खोल देता तो रामपुरा नहीं डूबता, वहां की रिंगवाल नहीं टूटती। प्रदेश के प्रमुख सचिव कह रहे है सब कुछ ठीक है लेकिन वह यह कैसे कह रहे है समझ नहीं आ रहा है।
Chania