Friday, May 7th, 2021 Login Here
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भोपाल। मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव टल गए हैं। उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ ने नगरिया निकाय चुनाव के लिए की गई आरक्षण प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। ऐसी स्थिति में सोमवार को चुनाव के लिए अधिसूचना जारी नहीं हो पाएगी।
एक तरफ मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनावों की सुगबुगाहट तेज हो गई थी, लेकिन दूसरी तरफ निकाय चुनावों के लिए हुई आरक्षण की प्रक्रिया को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में चुनौती दी गयी थी। जिसमें लंबी बहस के बाद कोर्ट ने शासन और याचिकाकर्ता के तर्क सुनने के बाद निकाय की आरक्षण प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।
नगर पालिका अध्यक्ष पद के आरक्षण में रोटेशन पद्धति का पालन नहीं हुआ
हाईकोर्ट में 10 दिसंबर 2020 निकाय चुनाव के लिए की गई आरक्षण की व्यवस्था को ये कहते हुए चुनौती दी गई थी कि इसमें अध्यक्ष पद का आरक्षण करने में रोटेशन पद्धति का पालन नहीं किया गया। याचिका में नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष पद के लिए हुए आरक्षण को निरस्त करने की मांग की गई थी।  
याचिकाकर्ता मानवर्धन सिंह तोमर का कहना था कि अधिकांश नगर पालिका व नगर परिषद के अध्यक्ष पद लंबे समय से एक ही वर्ग के लिए आरक्षित किए जा रहे हैं। इस वजह से दूसरे वर्ग के लोगों को अध्यक्ष के पद पर प्रतिनिधित्व करने का अवसर नहीं मिल पा रहा है। याचिकाकर्ता ने प्रदेश की 79 नगर पालिका और नगर परिषद के अलावा 2 मेयर सीट का हवाला भी याचिका में दिया था। जिसके बाद इस मामले पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की डबल बेंच ने निकाय चुनाव की आरक्षण प्रक्रिया पर रोक लगा दी।  
सरकार को रखना होगा अपना पक्ष
हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब अब इस याचिका पर सरकार को अपना विस्तृत पक्ष रखना है। इस मामले की अगली सुनवाई अब अप्रैल के महीने में होगी। इसका सीधा असर मध्य प्रदेश की नजरिया निकाय चुनाव प्रक्रिया पर पड़ेगा। हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने तत्काल चुनाव कराने के आदेश दिए हैं जबकि ग्वालियर बेंच ने आरक्षण पर रोक लगाकर एक तरह से चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।
Chania