Friday, May 7th, 2021 Login Here
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अभी भी नही थम रही लापरवाही, अटाला वाले बन गए सब्जी वाले

जिले में कोरोना के पांच नए पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं।जिसमें से एक महिला की मौत हो चुकी है 4 मरीज को लेकर पूरे जिले भर में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है। स्वास्थ्य महकमे की गंभीर लापरवाही ने पूरे जिले को खतरे के मुहाने पर ला खड़ा किया है।सबसे बड़ा खतरा मंदसौर शहर में ही है स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संदिग्ध युवक का सैंपल तो लिया लेकिन उसे क्वारेंटीन ही नहीं किया और वह पिछले 5 दिनों से पूरे शहर में घूमता रहा लेकिन उसे किसी ने नहीं रोका और तो और एक ही दिन में 6 घंटे के अंतराल में आई 2 रिपोर्ट और दोनों में अंतर ने भी सवाल खड़े कर दिये है। इससे शहरवासियों में और ज्यादा डर का माहौल बन रहा है गंभीर लापरवाही के बाद भी सीएमएचओ डॉ महेश मालवीय अभी भी लापरवाही जैसी बातें कर रहे हैं उनके पास इतनी बड़ी चूक को लेकर कोई जवाब ही नहीं है और ना ही आगे की कोई रणनीति है। ताकि शहर के लोग सुरक्षित रह सके वह यह भी नहीं बता पा रहे हैं कि इस गंभीर चूक के पीछे आखिर किसकी लापरवाही है और उनके द्वारा क्या जिम्मेदारी तय की गई है? वे खुद इस लापरवाही पर बचने की कोशिश करते हुए पूरा मसला कलेक्टर मनोज पुष्प पर ढोल रहे हैं जबकि वे स्वास्थ्य विभाग के सबसे बड़े अधिकारी हैं और प्राथमिक जिम्मेदारी तो उनकी ही बनती है। मंदसौर की इस गंभीर लापरवाही को लेकर मुख्यमंत्री सचिवालय ने संज्ञान लिया है सूत्र बता रहे हैं कि मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव ने स्वयं इस मामले पर संज्ञान लिया है और बड़ी जांच के संकेत दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की इस गंभीर चूक पर पक्ष विपक्ष के जनप्रतिनिधियों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी और इस पूरे मामले को प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के संज्ञान में लाया गया जिसके बाद बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री सचिवालय ने पूरी गंभीरता के साथ इस पर संज्ञान लिया है मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव ने पूरे मामले की जांच कराए जाने की तैयारी कर ली है। ताकि इस गंभीर चुके लापरवाह पर कार्रवाई की जा सके मुख्यमंत्री सचिवालय ने इस पूरे मामले से जुड़ी रिपोर्ट भी तत्काल तलब की है।
सात पॉजिटिव आने के बाद भी लापरवाही बरकरार 
मन्दसौर में सात पॉजिटिव मरीज आने के बाद भी अभी तक प्रशासन और पुलिस की लापरवाही बरकरार है। जबकि बड़ी लापरवाही पर पूरा जिले पर खतरा मंडरा रहा है। बावजूद इसके लापरवाही थमने का नाम नही ले रहा  शहर से बाहर से आने जाने वाले पुलिस की नजरो के सामने से बेरोकटोक आ-जा रहे हैं। कोई भी उन्हें रोक उनसे पूछताछ नही कर रहा है। इसी लापरवाही के कारण पहले भी राजस्थान का व्यक्ति मन्दसौर एआ कट चला गया और बाद में वहां जाने के बाद कोरोना पॉजिटिव निकला।
अटाला बेचने वाले बन गए सब्जी वाले
लापरवाही का आलम यह हैं कि घर-घर सब्जी बेचने की झड़ी लग रही है। मोहल्ले और कॉलोनियों में सब्जी बेचने के नाम पर अटाला बेचने वाले भी सब्जी के व्यापारी बन गए।जबकि प्रशासन ने फरमान जारी किया था सब्जी बेचने वाले अपने दुकान और ठेले पर अपना आधार कार्ड और नाम,पता लिखना था।लेकिन आज तक किसी ने नही लिखवाया और पुलिस और प्रशासन ने अपना आदेश पालन करवाने में कोई गंभीरता भी नही दिखाई।

मामला गंभीर है
मामला गंभीर है पहले तो रिपोर्ट देरी से आई इसमें किसकी लापरवाही है और इससे भी गंभीर बात है कि जिन्हें संदिग्ध मानकर सैंपल लिए गए थे उन्हें होम क्वॉरेंटाइन क्यों नहीं किया गया। इस पूरे मामले की जांच होकर जिम्मेदारी तय होनी चाहिये।
यशपालसिंह सिसोदिया
विधायक
कलेक्टर से चर्चा कर ले
संदिग्धों की रिपोर्ट में देरी होने के कारण दूसरा सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा था जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है अब एक बार और जांच के लिए सैंपल भेजा जाएगा उस रिपोर्ट के आधार पर ही निर्णय लिया जाएगा। संदिग्धों को होम कोरेण्टाइन क्यों नहीं किया गया इसके बारे में मुझे नहीं पता कलेक्टर से चर्चा कर ले।
डॉ महेश मालवीय
सीएमएचओ
गंभीर लापरवाही पर तो आपराधिक प्रकरण दर्ज होना चाहिये
पूर्व गृह मंत्री का बयान
आपराधिक प्रकरण दर्ज होना चाहिये
यह क्या मजाक है मंदसौर के साथ कल शाम ૪बजे रिपोर्ट आती है कि मंदसौर जिले के विभिन्न स्थानो के ६ लोगो कि कोरोना जांच रिपोर्ट पाजीटिव आइ है। और यह बात विभिन्न सुत्रो से सामने आई कि जिनके सेम्पल लिये गये वे खुले घुम रहे है उन्हे कोरोंटाइन नही किया गया है.पुरे नगर कोरोना फैलने की आशंका से ग्रस्त हो जाता है।जिम्मेदार लोगो के पास इसका कोई जबाब नही है कि प्रटोकाल के अनुसार उन संक्रमित होने कि संभावना वाले लोगो को सैम्पल लेने के बाद संक्रमण फैलाने के लिये क्यो छौड दिया गया।
एक्सपर्ट के अनुसार ऐसे संक्रमक वाहक लोग जिन जिन के संपर्क मे आये होगें उनको प्रभावित किये जाने कि संभावनाये बलवती है. इस अक्षम्य लापरवाही ने मंदसौर को संकट कि ओर धकेलने का काम किया है। अब आवश्यकता है, कि युध्द स्तर पर इनके संपर्क मे आने वाले लोगो का पता लगाकर उन्हे कोरोंटाइन किया जाये तथा उनके सैपंल लेकर जांच कराइ जावे.साथ ही गैर जिम्मेदार लोगो के विरुध्द आवश्यक कार्यवाही हो ताकि ऐसी घटना कि पुनर्वावृति ना हो।अगर ऐसा हुा तो नागरिको का विश्वास प्रशासन से उठ जायेगा जो हमे हर हाल मै कायम रखना है।
                 इस घटना क्रम में एक अजीब ,नाटकीय और गैरजिमेदाराना बात और सामने आती है कि देर रात जिला प्रशासन को जांच कर्ता लेब व्दारा यह सुचित किया जाता है कि जो पुर्व मे ६ लोगो को पोजिटिव होना पाया गया है उनमें से २ व्यक्तियो कि रिपोर्ट नेगेटिव है।ऐसे संकट के समय लेब का यह व्यबहार किसी आपराधिक कृत्य से कम नही माना जाना चाहिये ।साथ ही जो रिपोर्ट १३ तारीख को बन चुकि थी वह १५ तारीख ૪ बजे जिला प्रशासन के पास विलंब से क्यो प्राप्त हुई इसकि जिम्मेदारी भी तय कि जाना चाहिये. मेरा मत है कि जिला प्रशासन को स्वयं इस अपराधिक कृत्य करने वाले व्यक्ति के विरुध्द FIR दर्ज कराना चाहिये अथवा संबंधित लोगो जिनकि रिपोर्ट गलत दी गई है उन्हे लैब के खिलाफ FIR दर्ज कराने के लिये आगे आना चाहिये।
मै मंदसौर जिले के उन सभी नागरिको से भी आग्रह करता हु कि जो लोग भी इन संक्रमित लोगो के संपर्क मे आये है वे स्वयं आगे आकर अपनी जांच करावे ताकि अगर कभी उन पर गलती से भी संक्रमण का प्रभाव आया हो तो इलाज हो सके वे सावधानी के लिये अपने अपको १५ दिन एकांतवास में रखे उनका यह सहयोग मंदसौर को तथा  अपने आप को कारोना से बचाने में सहायक होगा।
किंतु इसके बावजुद इस घटना से भयभीत नही होना है अधिक सावधान ओर सतर्क रहने कि आवश्यकता है.कोरोना को सावधानी से ही हराया जा सकता है ।घर मे रहिये सुरक्षित रहिये ।शासन के निर्देशौ का पालन किजिये।
*कैलाश चावला*
*पूर्व गृहमंत्री मध्यप्रदेश शासन*
द्वारा मंदसौर जिले में पांच सदस्यों की पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद लिखी गई विशेष टिप्पणी

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